मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार में संलिप्त व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली या बड़ा क्यों न हो, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के एक विधायक की कथित 50 से 100 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि उन पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं तो उन्हें अपनी संपत्ति के स्रोत का खुलासा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा अपने विधायकों को बचाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित लोगों को आरोप निराधार लगते हैं तो उन्हें जांच में पूरा सहयोग देना चाहिए और अपनी आय व संपत्ति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्ति के खिलाफ सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। कानून के अनुसार जब्त की गई संपत्ति का उपयोग गरीब परिवारों, युवाओं, बेसहारा बच्चों की शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के खिलाफ मिले साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। इसी से जनता का ध्यान भटकाने के लिए सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।