सिहुंता (चंबा)। सिहुंता कॉलेज के भवन का निर्माण होने से पूर्व ही इस पर खतरे के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। ग्राम पंचायत रजैं और छलाड़ा पंचायतों के मध्य स्थित करनेड़ में 13.62 करोड़ रुपये से बनने वाले भवन की जमीन पर बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश से दरारें आ गई हैं। इतना ही नहीं, चिह्नित स्थान पर भूस्खलन का खतरा बढ़ गया हैं। ऐसे में अब कॉलेज भवन को लेकर भी अंगुलियां उठनी शुरू हो गई हैं। दबी जुबान में लोग भू-संरक्षण विभाग द्वारा पूर्व में रद्द की गई जमीन पर कॉलेज भवन का निर्माण करवाने को लेकर चर्चाएं करते नजर आ रहे हैं। बीडीसी सदस्य सतपाल सिंह, ग्रामीणों में विक्रम जरयाल, वीरभान सिंह, राजपाल सिंह, सतीश धीमान, संजय कुमार, बर्फी राम और अविनाश महाजन ने बताया कि पातका, सिहुंता, खदेट, समोट, गरनोटा, धुलारा, रजैं, ककरोटीघट्टा, बनेट, मोरठू, जोलना के विद्यार्थी सिहुंता कॉलेज में शिक्षा अर्जित करने के लिए पहुंचते हैं।
वर्तमान समय में सिहुंता कॉलेज राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सिहुंता के करीबन आठ कमरों में चल रहा है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिर लंबी मांग के बाद आखिरकार कई जगहों को रिजेक्ट करने के बाद ग्राम पंचायत रजैं के तहत आते करनेड़ में कॉलेज भवन निर्माण करवाने के लिए जगह चिह्नित हुई और बजट भी स्वीकृत हुआ। बावजूद इसके बीते दिनों होने वाली भारी बारिश से भवन निर्माण के लिए चिह्नित की गई जमीन में दरारें आ गई हैं और आगामी दिनों में भूस्खलन की जद में आने की आशंका है। इसे लेकर अब लोगों की चिंताएं एक बार फिर से बढ़ गई हैं। उधर, उपमंडलाधिकारी भटियात पारस अग्रवाल ने बताया कि मामला ध्यान में नहीं हैं। जल्द ही तहसीलदार को मौके पर भेज कर वास्तुस्थिति का जायजा लिया जाएगा। वहीं, कॉलेज प्राचार्य डॉ. अरविंद ने बताया कि उन्हें इस बारे जानकारी नहीं हैं। लोक निर्माण विभाग अपने स्तर पर कार्य करवा रहा है। इस बारे एक कमेटी बनाकर इसकी जांच होगी।
ब्रेकर से तुड़वा कर भवन निर्माण की फाउंडेशन गहरी करवाई है। ये भवन चरणबद्ध तरीके से बनाया जाएगा। अनिल ठाकुर, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग