उखड़े पेवर, टूटी नालियां और जगह-जगह गंदगी से शहर के 11 वार्डों के कई रास्ते बेहाल
बरसात में नालियों का पानी गलियों में, फिसलन और दुर्गंध से बढ़ी परेशानी, मरम्मत का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शहर की गलियों में उतरें तो नगर परिषद की सफाई और व्यवस्था के दावों से अलग तस्वीर सामने आती है। नगर परिषद चंबा के 11 वार्डों में कई गलियां लंबे समय से बदहाली झेल रही हैं।
कहीं पेवर उखड़े हैं तो कहीं टाइलें टूट चुकी हैं। कई स्थानों पर नालियां क्षतिग्रस्त होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित है और गंदगी भी रास्तों पर जमा रहती है।
बरसात में समस्या और गंभीर हो जाती है। टूटी नालियों से बहता पानी गलियों में फैलने से कीचड़ और फिसलन पैदा होती है। वहीं, कुछ स्थानों पर कूड़ा-कचरा जमा रहने से दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। इससे स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों को भी रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मोहल्लावासियों का कहना है कि गलियों की सफाई और मरम्मत के लिए नगर परिषद से कई बार मांग की जा चुकी है। बावजूद इसके कई स्थानों पर स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। लोगों का कहना है कि विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था को लेकर दावे तो होते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति कई जगह इसके उलट है।
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से वार्डवार निरीक्षण करवाने, खराब गलियों और नालियों को चिह्नित करने तथा प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत करवाने की मांग की है। साथ ही नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
उधर, नगर परिषद चंबा की वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी राखी कौशल ने बताया कि खस्ताहाल गलियों की मरम्मत के लिए जल्द ही निविदाएं करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि बरसात के चलते यह कार्य रुका हुआ था।
गलियों में नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई जगह गलियां खस्ताहाल बनी हुई है। - शादी लाल
टूटी गलियों और नालियों के कारण बरसात में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। - राम ठाकुर
कई गलियों की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई है। नगर परिषद को मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक कार्य जल्द करवाने चाहिए। - शिव चरण
गंदगी और खराब रास्तों का असर रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है। सफाई और मरम्मत दोनों कार्य प्राथमिकता से होने चाहिए। - वेद ब्यास ठाकुर