संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को रद्द करने की मांग को लेकर सीटू ने उपायुक्त कार्यालय के पास धरना-प्रदर्शन किया।
धरने की अगुवाई सीटू के जिला सचिव सुदेश ठाकुर ने की। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में एकजुटता जताई। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन में एनटीए को भंग करने, नई शिक्षा नीति को वापस लेने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने और आंदोलनरत छात्रों से तत्काल बातचीत शुरू करने की मांग की गई। सीटू ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों और संसद मार्च कर रहे युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की।
संगठन का आरोप है कि केंद्र सरकार छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण ही पेपर लीक जैसी घटनाएं हुई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
प्रदर्शन को सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र और विपिन शर्मा ने संबोधित किया। इस दौरान रवि, जय, चैन, अभिषेक, केवल कृष्ण, रिजु राम सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।