चंबा। सीटू के राष्ट्रीय आह्वान पर पर केंद्र और राज्य सरकारों के श्रम कानूनों में बदलाव के विरोध सीटू ने वीरवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर उन्होंने कोरोना महामारी से फ्रंट लाइन में लड़ रहे स्वास्थ्य कर्मियों, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य कर्मियों के लिए सरकार से 50 लाख बीमा कवर देने की मांग उठाई। सीटू जिला महासचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि प्रदेश सरकार के कार्य दिवस में 8 से 12 घंटे बढ़ाने का भी वह कड़ा विरोध करते हैं।
ऐसा करने से बड़े पैमानों पर कंपनियों को छंटनी करने की खुली छूट दे दी गई है। यहां उद्योग में तीन शिफ्ट चलती थीं, अब दो ही होंगी और बाकी वर्कर छंटनी कर दिए जाएंगे। इससे मालिकों को मनमानी करने की खुली छूट होगी और मजदूरों के श्रम की खुली लूट होगी।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों ने कोरोना महामारी के चलते इसका फायदा उठाकर पूंजीपतियों के मुनाफे का पूरा इंतजाम कर दिया है। सरकार के इस मजदूर विरोधी निर्णय का विरोध किया। इसके साथ ही सरकार से मांग की कि इस फैसले को वापस लें।