चुराह (चंबा)। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) इकाई बैरास्यूल पावर स्टेशन सुरंगानी के इकाई प्रभारी एवं उप कमांडेंट राजेंद्र कुमार चूरिया ने कहा कि सीआईएसएफ जवान बैटल के लिए तैयार हो रहे हैं। भारतीय सेना के साथ गहन प्रशिक्षण शुरू हो गया है। चूरिया ने बताया कि बदलते सुरक्षा खतरों के बीच अपनी तैयारियों को मजबूत करने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने भारतीय सेना के साथ मिलकर गहन संयुक्त प्रशिक्षण शुरू किया है। यह कदम सीआईएसएफ को असामान्य और आधुनिक खतरों से निपटने के लिए बैटल रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सीआईएसएफ के लिए बैटल रेडी का मतलब है कि उसके जवान देश के अहम और संवेदनशील ठिकानों जैसे हवाई अड्डे, परमाणु संयंत्र, सरकारी इमारतें और संसद में किसी भी आपात स्थिति में तेज और असरदार प्रतिक्रिया दे सकें। इसमें ड्रोन हमला, आतंकी हमला, अंदरूनी खतरा और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं से सही ढंग से निपटना शामिल है।
कश्मीर घाटी में सेना के साथ विशेष प्रशिक्षण
पहली बार सीआईएसएफ के पूरे बैच को कश्मीर घाटी में सेना की विशेष यूनिट्स प्रशिक्षण दे रही हैं। पहले सिर्फ कुछ ही सीआईएसएफ जवानों को सेना में प्रशिक्षण का अवसर मिलता था। अब सीआईएसएफ और सेना के बीच बेहतर तालमेल और राष्ट्रीय हित को देखते हुए बड़ी संख्या में जवानों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में शामिल मुख्य विषय रात में ऑपरेशन, नजदीकी मुकाबला, सहनशक्ति बढ़ाने के अभ्यास शामिल है। सीआईएसएफ के शहरी सुरक्षा अनुभव को और मज़बूत करते हुए जवानों को जटिल इलाकों और उच्च खतरे वाले क्षेत्रों में भी काम करने के लिए सेना तैयार करेगी।