चौगान नंबर चार में बच्चों के खेलने के बने झूले इन दिनों खस्ता हालत में ।
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चौगान नंबर चार में बच्चों के खेलने के बने झूले इन दिनों खस्ता हालत में हैं। जिसे सुधारने के लिए प्रशासन व नगर परिषद कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। झूले लंबे समय से खराब पड़े हैं।
मिंजर मेले के दौरान प्रशासन व नप ने इस चौगान से मोटी कमाई की थी। उस दौरान चौगान में लगी अस्थायी दुकानों के निर्माण में बच्चों के झूले बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसके मिंजर मेला बीतने के बाद भी ठीक नहीं करवाया गया।
बच्चों के अभिभावक झूलों की रिपेयर करवाने के लिए कई बार नप को अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सुधार नही हो पाया है। समाज सेवक बदेशर सिंह पठानिया ने बताया कि हरेक वर्ष मिंजर व दशहरे के दौरान चौगान नंबर चार में अस्थायी दुकानें लगाई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान चौगान से होने वाली कमाई का एक प्रतिशत बच्चों के झूलों की रिपेयर पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने उपायुक्त सुदेश मोख्टा व नगर परिषद से भी आग्रह किया है कि बच्चों के खेलने के लिए बने पार्क को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए। उधर, उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि प्रशासन इस चौगान को मेडिकल कॉलेज के अधीन करने के ऊपर विचार कर रहा है। उसके बाद ही चौगान की सही तरीके से देखभाल हो पाएगी।