चंबा। प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध चंबा जिले में आज भी कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो प्रशासन की नजरों से दूर होने के कारण उपेक्षित पड़े हैं। इन्हीं में से एक है चंबा की अठलुईं पंचायत स्थित छकुंड झील, जो प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर होने के बावजूद पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान नहीं बना पाई है।
समाजसेवी हितेश ठाकुर ने बताया कि छकुंड झील मुख्य मार्ग से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। चारों ओर फैला शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करने की पूरी क्षमता रखता है, लेकिन उचित सड़क मार्ग और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह स्थल अभी तक अनदेखा बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि छकुंड झील को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाए तो आसपास की कई पंचायतों और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है। वर्तमान में झील तक पहुंचने वाले पैदल रास्तों की हालत बेहद खराब है। इसके अलावा झील के आसपास पेयजल, बैठने की व्यवस्था और ठहरने जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
समाजसेवी ने बताया कि स्थानीय लोगों के सहयोग से इस मुद्दे को लेकर शीघ्र ही विधायक चंबा और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा, ताकि छकुंड झील के पर्यटन विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।