चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान चौगान नंबर एक और दो में डोमों के भीतर अस्थायी दुकानें लगाकर बैठे व्यापारियों से दुकानें खाली करवाने के लिए बुधवार सायं पांच बजे के बाद विभिन्न विभागीय संयुक्त टीमें मैदान में उतर आईं। इन टीमों का नेतृत्व न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कर्म प्रताप सिंह ठाकुर ने किया तो वहीं उपमंडलाधिकारी नागरिक अरुण शर्मा भी मोर्चा संभाले दिखे। इससे पूर्व दोपहर बाद तक लाउड स्पीकर के जरिये भी चौगानों में बनी दुकानों को खाली करने को लेकर बार-बार चेताया गया। इसके बाद टीमों ने सख्ती करते हुए देर शाम तक दुकानें खाली करवाईं। इस दौरान व्यापारी वर्ग अपना सामान समेटते नजर आए। वहीं, विद्युत बोर्ड की ओर से अस्थायी डोमों में बनी दुकानों के लिए दी गई बिजली सप्लाई के कनेक्शन को भी काट दिए गए।
गौर रहे कि अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के प्रशासनिक तौर पर खत्म होने के बाद अस्थायी दुकानें लगाने के लिए प्रशासन की ओर से छह अगस्त तक का समय दिया गया लेकिन, बाहरी राज्यों के व्यापारियों ने भारी बारिश के दौरान व्यापार ठप रहने का हवाला दिया। इसके बाद उन्हें नौ अगस्त तक दुकानें लगाने की स्वीकृति मिल गई। इसके तहत बाकायदा मंगलवार से प्रशासनिक निर्देशानुसार अस्थायी दुकानदारों को लाउड स्पीकर के जरिये बुधवार सायं पांच बजे के बाद सख्ती से दुकानें खाली करने को लेकर चेताया गया। यह क्रम बुधवार को भी दिनभर जारी रहा। सायंकालीन विभिन्न विभागीय राजस्व, पुलिस, नगर परिषद की टीमों ने चौगानों को खाली करवाने के लिए सख्ती कर दी। सर्वप्रथम चौगान के समस्त प्रवेश द्वारों पर ताले लगा लटका दिए। टीमों का अचानक से आता देख दुकानदार अपना सामान लेकर चौगान से भागते भी नजर आए।
उच्च न्यायालय की ओर से चंबा न्यायालय को निर्देश जारी कर चौगानों को समयानुसार खाली करवाने को लेकर प्रशासनिक रिपोर्ट तलब की गई है। इसी क्रम में उपमंडलाधिकारी स्वयं बुधवार को चौगान खाली करवाने को लेकर टीमों का नेतृत्व करते नजर आए।
उपमंडलाधिकारी नागरिक अरुण शर्मा ने बताया कि व्यापारियों को पहले से ही चौगान खाली करवाने को लेकर चेताया जाता रहा है। इसी क्रम में अब चौगान खाली करवाए गए हैं।