आयुर्वेदिक डिसपेंसरी चांजू व देहरा में डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। डिसपेंसरी के नाम पर सरकार ने भवन ही खड़े कर रखे हैं जबकि डिसपेंसरी में एक भी डॉक्टर तैनात नहीं है।
मौजूदा समय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही डिसपेंसरी चला रहे हैं। ग्रामीणों को छोटी से छोटी बीमारी के लिये आठ किमी दूर बघेईगढ़ जाना पड़ रहा है। डिसपेंसरी में डॉक्टर नहीं होने के कारण देहरा व चांजू पंचायत की करीब पांच हजार की आबादी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी कपूर चंद, राजू राम, दलीप सिंह, दौलत राम, सोभिया राम, खोजू राम, गुरदयाल सिंह, सतपाल और रमेश कुमार ने बताया कि चांजू व देहरा आयुर्वेदिक डिपसपेंसरी में पिछले आठ सालों से कोई भी डॉक्टर तैनात नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि चांजू व देहरा में आयुर्वेदिक डिसपेंसरी में डॉक्टर की तैनाती की जाए।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीआर कौशल ने बताया कि मौजूदा समय में चिकित्सकों की कमी चल रही है। जैसे ही डॉक्टरों की नई भर्ती होगी। उसी दौरान चांजू व देहरा में भी डॉक्टर तैनात करवा दिए जाएंगे।