नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में पद्मश्री विजय की चार कलाकृतियां प्रदर्शित, कला साधना पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री
महिषासुर मर्दिनी समेत मां दुर्गा के स्वरूपों में दिखी पहाड़ी लघु चित्रकला की बारीकियां
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। चंबा की पहाड़ी लघु चित्रकला ने मुंबई के प्रतिष्ठित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज करवाई है। पद्मश्री सम्मानित चित्रकार विजय शर्मा की दुर्गा सप्तशती पर आधारित चार कलाकृतियां नवरात्र के उपलक्ष्य में आयोजित प्रदर्शनी में प्रदर्शित की गई हैं।
इनमें महिषासुर मर्दिनी सहित मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को पारंपरिक रंगों और बारीक रेखांकन से साकार किया गया है। देशभर के चुनिंदा कलाकारों की रचनाओं के बीच इन कलाकृतियों के प्रदर्शन से हिमाचल की पारंपरिक चित्रशैली को राष्ट्रीय मंच मिला है।
विजय शर्मा ने बताया कि अक्तूबर में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर की टीम चंबा आएगी। इस दौरान पहाड़ी लघु चित्रकला की तकनीक, चित्र बनाने की प्रक्रिया और उनकी कला साधना पर डॉक्यूमेंट्री तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर को वह अपने शिष्यों के साथ मुंबई में नीता अंबानी से मुलाकात करेंगे।
सम्मान से समृद्ध है कला यात्रा
चंबा निवासी विजय शर्मा को कला के क्षेत्र में योगदान के लिए वर्ष 2012 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्हें 2011 में कालिदास सम्मान और 1990 में वस्त्र मंत्रालय का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला। उन्होंने भूरी सिंह संग्रहालय में कलाकार के रूप में कार्य करते हुए पहाड़ी चित्रकला के संरक्षण में योगदान दिया। बसोहली, कांगड़ा, गुलेर, चंबा और मंडी की चित्रशैलियों के जानकार विजय शर्मा चित्रकारी के साथ शोध, लेखन और प्रशिक्षण के माध्यम से भी इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।