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सरकारी स्कूल के बच्चों को घरों तक पहुंचेंगे चावल, सब्जी के पैसे भी दिए जाएंगे

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संवाद न्यूज एजेंसी
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चंबा। सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवाने की कवायद के बाद अब बच्चों को मिड-डे मील भी घर तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन के आदेश पर शिक्षा विभाग इस काम को पूरा करने में जुट गया है। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते स्कूल बंद है। ऐसे में अब मिड-डे मील डोर-टू-डोर पहुंचाया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी शिक्षकों की होगी। इसके लिए साथ ही पास भी बनवाने होंगे। संबंधित क्षेत्रों के शिक्षक उनके उपमंडलाधिकारी कार्यालय से बनेंगे।
जानकारी के अनुसार जिले में पहली से आठवीं तक हजारों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकार ने कोविड-19 के चलते अब मिड-डे मील का कच्चा राशन घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इस दौरान तय चावल का कोटा बच्चों को मिलेगा वहीं, सब्जी के लिए तय राशि का भुगतान भी सीधे उनके खातों में किया जाएगा।
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इससे सरकार की योजना से बच्चों को घर बैठे लाभान्वित करने जा रही है। जिला प्रशासन के आदेश पर शिक्षा विभाग इस कार्य को पूरा करने के लिए कसरत कर रहा है।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी इस मामले में प्रमुख रहेंगे और हर बच्चे तक राशन की खेप पहुंचाने के लिए प्रयास करेंगे। विभाग ने 25 विद्यार्थियों पर एक अध्यापक नियुक्त किया है, जो बचें को राशन पहुंचाएगा। बच्चों की संख्या 50 होने पर दो अध्यापक इस कार्य को अमलीजामा पहनाएंगे।
मिड-डे मील के लिए चावल सरकार से निशुल्क दिए जाते हैं। जबकि पहली से पांचवीं तक सब्जी का खर्चा चार रुपये 48 पैसे और छठी से आठवीं के लिए छह रुपये 71 पैसे दिए जाता है, जो बच्चों को खाते में डाले जाएंगे।
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जिला उपशिक्षा अधिकारी चंबा हितेंद्र कुमार ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मिड-डे मील का राशन बच्चों में वितरित किया जाएगा। इस बारे में प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों की ड्यूटी इसमें लगाई जाएगी। 25 बच्चों को एक अध्यापक राशन पहुंचाएगा।
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