चरमराईं स्वास्थ्य सेवाओं के बीच प्रदेश के लिए तैयार किए 400 डॉक्टर
मेडिकल कॉलेज चंबा से अभी तक पासआउट हो चुके हैं चार बैच
कई एमबीबीएस डॉक्टर टांडा, बिलासपुर में कर रहे पीजी का कोर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भले ही आकांक्षी जिले में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हों लेकिन ऐसे हालात में भी इस जिले ने प्रदेश को 400 एमबीबीएस डॉक्टर तैयार कर दिए हैं।
चार बैच मेडिकल कॉलेज चंबा से पासआउट हो चुके हैं। इनमें कई एमबीबीएस डॉक्टर मौजूदा समय में टांडा और बिलासपुर में पीजी कोर्स कर रहे हैं। कोर्स पूरा करने के बाद वे आने वाले समय में विशेषज्ञ के रूप में सरकारी और निजी अस्पतालों में सेवाएं दे सकते हैं। वर्ष 2017, 18, 19 और 2020 के प्रशिक्षु एमबीबीएस डॉक्टर बनकर जा चुके हैं जबकि 400 से अधिक प्रशिक्षु मौजूदा समय में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।
वर्ष 2017 में चंबा में मेडिकल कॉलेज खुला था, तब सभी लोग यही बोल रहे थे कि यहां इतना बड़ा स्वास्थ्य संस्थान नहीं चल सकता। डॉक्टर नौकरी करने के लिए तैयार नहीं थे। सरकार के दबाव के चलते कई डॉक्टरों ने ज्वाइन किया और मेडिकल कॉलेज जैसी सेवाएं मरीजों को देना शुरू कीं। आज के समय में भी 50 फीसदी फैकल्टी की कमी है। बावजूद इसके एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ा। विशेषज्ञ ओपीडी में मरीजों की जांच करने के साथ प्रशिक्षुओं की क्लासें भी ले रहे हैं।
चार डॉक्टर कर रहे पीजी का कोर्स
चार एमबीबीएस डॉक्टर चंबा में पीजी का कोर्स कर रहे हैं। वे आने वाले समय में विशेषज्ञ बनकर निकलेंगे। इतना ही नहीं, ये डॉक्टर चंबा के मरीजों पर शोध भी कर रहे हैं। मरीजों में कौन सी बीमारी अधिक है, उसका कारण क्या है, इन सभी पहलुओं पर जांच शोध कर रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि चार बैच एमबीबीएस के पास आउट हो चुके हैं। इसमें सरकार और प्रबंधन का फैकल्टी को भरपूर सहयोग मिला है।