चंबा के मणिमहेश में डल झील के पास भोले से अरदास लगाती श्रद्धालू।संवाद
नड्डल से निकला श्रद्धा का जत्था, भरमौर पहुंचकर शुरू होगी मणिमहेश की कठिन चढ़ाई
देवी कुंड से चंबा तक आस्था का सफर, जत्थे में महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु भी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। देवी के जयकारों से शुरू हुआ सफर अब भोले के धाम की ओर बढ़ चला है। नड्डल से मणिमहेश यात्रा पर निकला करीब 120 श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार सुबह चंबा के चौगान पहुंचा।
मंगलवार को घर से निकले श्रद्धालु देवी कुंड, जन्नाबड़ और कियाणी में पड़ाव डालते हुए चंबा पहुंचे। चौगान में विश्राम के बाद जत्था भरमौर के लिए रवाना हुआ।
भरमौर पहुंचकर श्रद्धालु माता भरमाणी के दर्शन करेंगे और इसके बाद हड़सर से मणिमहेश की कठिन पैदल यात्रा शुरू करेंगे। रास्तेभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण शिवमय बना रहा।
जत्थे में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालु भी शामिल हैं। श्रद्धालु रवि कुमार ने कहा कि मणिमहेश यात्रा उनके लिए केवल सफर नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास की परीक्षा है। संजीव कुमार, केशव चंद और दलीप कुमार ने कहा कि पवित्र डल में शाही स्नान कर कैलाश के दर्शन करना जीवन का सौभाग्य है।