चंबा सूही जातर मेले में भंडारे के दौरान प्रसाद ग्रहण करते लोग।संवाद
घुरेई से गूंजा चंबा, बैंड-बाजे के साथ मलूणा के लिए निकली जातर
जिला स्तरीय सूही मेले के दूसरे दिन रानी सुनयना के समाधि स्थल पर की गई पूजा-अर्चना
मेला देखने के लिए पहुंचे सैकड़ों लोग, पूजा-अर्चना के बाद ग्रहण किया भंडारे में प्रसाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला स्तरीय ऐतिहासिक सूही माता मेले के दूसरे दिन रानी सुनयना के समाधि स्थल मलूणा तक बैंडबाजे की धुनों पर जातर निकाली गई। श्रद्धालुओं ने मलूणा स्थित समाधि स्थल पर माता के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि की कामना की। सूही मढ़ स्थित मंदिर से बैंडबाजे की मधुर धुनों के बीच भव्य जातर मलूणा के लिए रवाना हुई। जातर में शामिल गद्दी समुदाय की महिलाओं ने रानी सुनयना के बलिदान को गीत के माध्यम से सुनाया। लगिया सुइयां, मेला देखण जाणा... और आया बसोआ लगी पेइयां जातरां आदि पारंपरिक घुरेई गीतों से शहर गूंज उठा। जातर के साथ काफी संख्या में महिलाएं, बच्चे और और पुरुष शामिल रहे। मलूणा स्थित समाधि स्थल पर पंडित ने पूजा-अर्चना की। जातर में शामिल लोगों के लिए मलूणा में भंडारा लगाया गया। इसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
जिला स्तरीय मेले के दूसरे दिन भी मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे। सूही मढ़ में पूजा-अर्चना करने के बाद जातर के साथ लोगों ने मलूणा के लिए कूच किया। इस दौरान बैंड-बाजे समेत गद्दी समुदाय की महिलाएं घुरेई नृत्य की प्रस्तुतियां देतीं नजर आईं। सूही मेले के दौरान पूरा शहर घुरेई गायन से गूंज उठा। राजनौण स्थित आस-पास विभिन्न पकवानों और खिलौने की दुकानें हैं। यहां मेला देखने के लिए पहुंचने वाले लोग अपने पसंदीदा व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे हैं। बच्चे खिलौने खरीदते नजर आ रहे हैं। इस दौरान नगर परिषद अध्यक्ष नीलम नैय्यर, नप उपाध्यक्ष सीमा कश्यप समेत नप कर्मचारी और सैकड़ों लोग मौजूद रहे। शनिवार की शाम रानी सुनयना के चिह्न को पूजा-अर्चना के बाद पालकी के जरिए वापस पिंक पैलेस लाया जाएगा। इसके बाद तीन दिवसीय सूही मेले का समापन होगा।