एनएचपीसी परियोजना चरण तीन की सुरंग से रिसाव की वजह से बेघर हुए प्रभावितों ने चंबा-भरमौर मार्ग को जाम करने की चेतावनी दी है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पत्र लिखा है और परियोजना प्रबंधन पर दबाव बनाने की मांग की है।
इस संबंध में वीरवार को किलोड़ वार्ड से जिला परिषद सदस्य ललित ठाकुर की अगुवाई में प्रभावितों ने एक बैठक का आयोजन किया। इस मौके पर ललित ठाकुर ने बताया कि नौ अप्रैल 2012 को सुरंग से पानी का रिसाव शुरू हुआ था। जिसकी वजह से मोंखरी, सुगाड़ी, चूड़ीपुल व जखाना के लोग प्रभावित हुए थे। उस समय परियोजना प्रबंधन ने प्रभावितों को हटाने और उन्हें मुआवजा देने की बात कही थी लेकिन मुआवजे का आकलन सही नहीं हो पाया।
परियोजना प्रबंधन ने मुआवजा राशि भी अदा नहीं की। जिससे प्रभावित दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो रहे हैं। प्रभावितों को दो-दो कमरों का किराया देकर परियोजना प्रबंधन पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सात दिन के भीतर प्रभावितों को मुआवजा अदा नहीं किया गया तो सभी प्रभावित धरवाला में चंबा-भरमौर मार्ग को जाम कर देंगे। इस मौके पर प्रभावितों में जगदीश, रामशरण, नरेश, नेक राम, कर्मदेव, खिन्नी, ललित ठाकुर, चीनो, राजेंद्र, कौशल्या, रामदेई, जीवो, सुशील, सुनील, मुंशी, पवन, दिनेश, रजनी व योगराज सहित अन्य उपस्थित थे।