Chamba Bus Accident : चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग 154ए पर गैहरा के पास चलती बस में पहाड़ी से चट्टान घुसने से दर्दनाक हादसा हुआ। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि पांच यात्री घायल हो गए। बस शिव नुआला कार्यक्रम से लौट रही थी। घायलों को मेडिकल कॉलेज चंबा में भर्ती कराया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिमाचल प्रदेश में चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग 154ए पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गैहरा के पास बत्ती की हट्टी क्षेत्र में चलती बस पर पहाड़ी से अचानक भारी चट्टान गिर गई, जो शीशा तोड़ते हुए सीधे बस के अंदर घुस गई।
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शिव नुआला से लौट रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, यह बस भरमौर स्थित चौरासी मंदिर में शिव नुआला कार्यक्रम में शामिल होकर चंबा लौट रही थी। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।
एक की मौत, पांच घायल
हादसे में 21 वर्षीय साहिल ठाकुर, निवासी गरेड़ (चंबा) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार्तिक ठाकुर, गुड्डू देवी, बिंता, गिलमा देवी और चालक कुलविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
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सीटें तक चकनाचूर, मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चट्टान इतनी भारी थी कि बस की सीटें टूटकर बिखर गईं और एक सीट उखड़कर बीच में आ गई। हादसे के बाद बस में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
सुबह साढ़े आठ की घटना
घटना रविवार सुबह करीब 8:30 बजे हुई। मार्ग पर कम आवाजाही होने के कारण राहत कार्य में शुरुआती देरी हुई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी चंबा का बयान
एसपी चंबा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि बस पर पहाड़ी से चट्टान गिरने से यह दुर्घटना हुई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और पांच लोग घायल हुए हैं।
21 वर्षीय साहिल की मौत से गांव में पसरा मातम, शव घर पहुंचते ही गूंज उठी चीख-पुकार
भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती बस पर चट्टान गिरने से हुई दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। हादसे में 21 वर्षीय साहिल ठाकुर की मौत के साथ ही उसके माता-पिता का इकलौता सहारा भी छिन गया।
साहिल पुत्र नाथो राम, गांव घरेड़ डाकघर गोली का रहने वाला था और अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसके पिता लोक निर्माण विभाग से कुछ समय पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं और रीढ़ की हड्डी की समस्या से जूझ रहे हैं। परिवार ने कभी सोचा भी नहीं था कि उनका जवान बेटा इस तरह अचानक उन्हें छोड़कर चला जाएगा।
जैसे ही साहिल की मौत की खबर घर पहुंची, माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्हें इस बात पर विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा अब कभी वापस घर नहीं लौटेगा। सदमे में डूबे पिता बार-बार बेटे के मोबाइल नंबर पर कॉल करते रहे, मानो उन्हें उम्मीद हो कि दूसरी तरफ से बेटे की आवाज सुनाई दे जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग परिवार के घर पहुंचने लगे। जब साहिल का शव घर लाया गया तो पूरे गांव में मातम छा गया। घर से उठती चीख-पुकार और परिजनों का विलाप देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांववासियों ने भी परिवार के दुख में शामिल होकर नम आंखों से साहिल को अंतिम विदाई दी।
... साथ चलते-चलते गोद में टूट गई जीवन की डोर
साहिल और विशाल का रिश्ता बचपन से सिर्फ रिश्तेदारी नहीं, एक-दूसरे का सहारा था। हादसे के बाद अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते भाई की गोद में ही साहिल ने आखिरी सांस ली। कुछ ही पलों के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जो साथ जिंदगी भर की ताकत था, वही पल अब विशाल के लिए जिंदगी भर का सबसे भारी दर्द बन गया।
मेडिकल कॉलेज में छलकती आंखों के साथ ये शब्द साहिल के चचेरे भाई विशाल के मुंह से निकले। वह जोर-जोर से रोकर यही अलाप कर रहे थे कि अब वह किसके साथ अपनी खुशी और गम साझा करेंगे। वह चचेरा भाई था लेकिन दोनों में सगे भाइयों से भी ज्यादा प्यार था। उन्होंने कहा कि वह घायल साहिल को गोद में उठाकर कार से निकालकर अस्पताल ला रहे थे। इसी बीच उसने आखिरी सांस ली। अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
... कहीं भी कार्यक्रम या घूमने के लिए साथ ही जाते थे दोनों
विशाल ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम हो या कहीं घूमने जाना हो तो दोनों हमेशा साथ ही जाते थे। एक-दूसरे के बिना कहीं नहीं जाते थे। शनिवार को भी दोनों भरमौर के चौरासी मंदिर में शिव नुआले में शिरकत करने गए थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी साथ होगा।
चचेरे भाई की तस्वीर ही बची... जिंदगी भर साथ रखूंगा
अस्पताल में उनके हाथ में साहिल का फोन था। इस पर उनके ताया का फोन आया। बेटे से बात करने के लिए उन्होंने किया लेकिन उनका बेटा तब तक इस दुनिया से जा चुका था। उनकी हिम्मत नहीं हो सकी कि वह उस फोन को उठाकर अपने ताया से बात कर सकें। अब चचेरे भाई के साथ के नाम पर उसके साथ खींची तस्वीर ही बची है। जिसे जिंदगी भर अपने साथ रखूंगा।