सीपीआईएम ने जनसभा में केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे घुटने टेक रही सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मोदी सरकार योजनाबद्ध तरीके से सरकारी तंत्र को पूंजीपति दोस्तों और बड़ी कंपनियों के हाथों बेचने का काम कर रही है। बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
स्मार्ट मीटर उसी योजना का हिस्सा हैं। यह बात सीपीआईएम के राज्य सचिवालय सदस्य कुशाल भारद्वाज ने चंबा में जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हिमाचल को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) ग्रांट समाप्त कर दी है। केंद्र सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे घुटने टेक रही है। प्रदेश में जो वित्तीय हालात खराब हुए हैं, उसके लिए केंद्र सरकार की भ्रष्ट नीतियां जिम्मेदार हैं। मनरेगा कानून को कमजोर करने की दिशा में काम किया जा रहा है। रोजगार की गारंटी खत्म की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सीमित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा के समय हिमाचल और विशेष रूप से मंडी जिले की जनता को केंद्र सरकार ने अकेला छोड़ दिया। कृषि क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रवेश, वन संरक्षण कानून 1980 में संशोधन और आपदा प्रभावितों और भूमिहीनों को बसाने के लिए जमीन देने के सवालों पर केंद्र सरकार की नीतियां जनता के खिलाफ हैं। जिला सचिव नरेंद्र ने 24 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विशाल राष्ट्रीय रैली में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया।