पहली रिपोर्ट के बाद सरकार ने करवाई नए सिरे से पड़ताल, इमरजेंसी से वार्ड तक जुटाई जानकारी
छह सितंबर को हुई थी डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत, इंजेक्शन लगने के बाद मौत होने का लगाया है आरोप
प्रवीण कुमार
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत का मामला एक बार फिर जांच के केंद्र में है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से पहले जांच रिपोर्ट सरकार को भेजे जाने के बाद अब टांडा से तीन सदस्यीय चिकित्सक टीम चंबा पहुंची।
टीम ने पुराने निष्कर्षों पर निर्भर रहने के बजाय घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की दोबारा पड़ताल की। अब नई रिपोर्ट में क्या सामने आता है और सरकार इस पर क्या कदम उठाती है, इस पर नजरें टिकी हैं।
टीम ने उस वार्ड का निरीक्षण किया, जहां बच्ची का उपचार हुआ था। घटना के समय इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ कर उपचार की प्रक्रिया और उपलब्ध व्यवस्थाओं से जुड़े पहलुओं को परखा। शिकायतकर्ता पक्ष से भी दोबारा बातचीत किए जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सेईकोठी पंचायत के नरवाड़ गांव निवासी कुलदीप सिंह छह सितंबर की शाम अपनी डेढ़ वर्षीय बेटी कृतिका को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। पिता के अनुसार, बच्ची की छाती जाम थी और उसमें खून की कमी के लक्षण भी थे। बेहतर उपचार की उम्मीद में वह उसे तीसा अस्पताल के बजाय चंबा लेकर आए। शाम करीब साढ़े पांच बजे बच्ची को दाखिल किया गया।
कुलदीप सिंह का आरोप है कि एक्स-रे के लिए भेजने पर वहां स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। बाद में कुछ अन्य जांच के लिए उन्हें निजी प्रयोगशाला जाना पड़ा। उनके मुताबिक, करीब पौने घंटे तक बच्ची की हालत खराब रही। बाल रोग विशेषज्ञ को फोन कर बुलाया गया, लेकिन वह समय पर नहीं पहुंचे। पिता का कहना है कि मौत से करीब 15 मिनट पहले एक डॉक्टर बच्ची को देखने पहुंचे। इसके बाद इंजेक्शन लगाया गया और भाप दी गई। उनका आरोप है कि इसके तुरंत बाद बच्ची अचेत हो गई और उसकी मौत हो गई। इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट से होना बाकी है।
रिपोर्ट सीधे सरकार को जाएगी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि टांडा से आई टीम की रिपोर्ट उन्हें भी उपलब्ध नहीं हुई है। इसे सीधे सरकार को भेजा जाएगा। पहले की जांच रिपोर्ट भी सरकार के पास है। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. गोपाल बेरी ने भी पुष्टि की कि जांच टीम भेजी गई है और रिपोर्ट अभी उनके पास नहीं पहुंची है।