चंबा। जिले में मंगलवार को जेबीटी के 54 पदों के लिए 150 अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंचे।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग कार्यालय में आयोजित काउंसलिंग के लिए सुबह दस बजे अभ्यर्थी जुटना शुरू हो गए थे। साढ़े दस बजे काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान करीब पौने ग्यारह बजे गेट पर कतार में खड़ीं दो महिला अभ्यर्थी आपस में ही उलझ पड़ीं।
एक महिला अभ्यर्थी का आरोप था कि वह सबसे पहले पहुंची थीं लेकिन उसे काउंसिलंग के लिए बाद में बुलाया गया। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिक्षा विभाग को मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। करीब ग्यारह बजे पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने अभ्यर्थियों को सूची के मुताबिक काउंसलिंग के लिए भेजना शुरू किया। 12 बजे तक काउंसलिंग प्रक्रिया जारी रही।
ऊना से काउंसलिंग के लिए पहुंचीं रेणू चंदेल ने कहा कि वह सुबह ही काउंसलिंग के लिए पहुंच गई थीं। गोद में पांच माह का बच्चा होने के कारण शिक्षा विभाग ने उसे काउंसलिंग के लिए पहले बुलाकर राहत दी। सुंडला के दिव्यांग अमित कुमार भी काउंसलिंग के लिए पहुंचे। अमित कुमार को व्हीलचेयर से विभाग के कर्मचारियों ने काउंसलिंग कक्ष तक पहुंचाया। मंडी से काउंसलिंग के लिए पहुंचीं नीलम कुमारी ने बताया कि वह सुबह साढ़े पांच बजे ही विभाग के कार्यालय पहुंच गई थीं। लेकिन सुबह जल्दी पहुंचने के बाद भी उनका नंबर देरी से लगा।
काउंसलिंग के लिए मंडी से पहुंचीं सुषमा कुमारी ने बताया कि काउंसलिंग के दौरान काफी देर इंतजार करना पड़ा। भूखे प्यास रहकर वह कार्यालय के बाहर मौजूद रहीं। सुरंगानी क्षेत्र के मंजीर गांव से काउंसलिंग के लिए पहुंचे अरशद खान को काउंसलिंग के दौरान निराशा हाथ लगी। उन्होंने 2018 में जेबीटी का प्रशिक्षण पूरा किया था जबकि, वर्तमान में 2011-13 के बैच के लिए काउंसलिंग थी।
चुवाड़ी के रहने वाले दीपक गुप्ता का कहना है कि वह सुबह सात बजे घर से काउंसलिंग के लिए निकले। दोपहर बाद उनका नंबर लगा। कहा कि अभ्यर्थियों की ज्यादा संख्या होने के चलते समय लग गया।
दो गज दूरी नियम की उड़ीं धज्जियां
सबसे पहले काउंसलिंग के लिए पहुंचे अभ्यर्थी कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जरूरी दो गज की दूरी नियम की अवहेलना करते नजर आए। हालांकि, शिक्षा विभाग की ओर से कर्मियों को तैनात किया गया था। बावजूद इसके अभ्यर्थी अपना नंबर पहले लगाने के चक्कर में सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते दिखे।