चप्पल खुलवाने से लेकर आधार कार्ड की स्कैनिंग करने के बाद दिया गया परीक्षा केंद्र में प्रवेश
कलाई पर बंधे धागों को भी गेट पर उतारा, बायोमीट्रिक से अंगूठा लगाने के बाद भेजे केंद्र में
नीट देने पहुंचे अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र में प्रवेश कड़ी सुरक्षा जांच के बाद हुआ। चप्पल खुलवाने के साथ आधार कार्ड की स्कैनिंग कर उन्हें केंद्र में जाने दिया गया। दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक परीक्षा का समय निर्धारित था। अभ्यर्थी 11 बजे ही परीक्षा केंद्र पहुंच गए। एसडीएम ने दोनों परीक्षा केंद्रों में जाकर सुरक्षा व्यवस्था जा जायजा लिया। निजी सुरक्षा कर्मियों ने पूरी जांच करने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों में जाने दिया।
मोहम्मद अयूब
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : रविवार, समय : दोपहर 12 बजे, स्थान : नीट परीक्षा केंद्र राजकीय महाविद्यालय चंबा। अभ्यर्थी 2 बजे होने वाली परीक्षा के लिए गेट पर पहुंच गए हैं। सुरक्षा कर्मी आधार कार्ड और एडमिट कार्ड देखने के बाद उन्हें अंदर जाने की अनुमति दे रहा है। कलाई पर बंधे धागों को भी गेट पर उतार लिया। गेट से अंदर जाने पर पुरुष-महिला अभ्यर्थी की अलग-अलग लाइनें लगी हैं। निजी सुरक्षा कर्मी जांच के बाद परीक्षा केंद्र में भेज रहे हैं। विशेष यंत्र के साथ अभ्यर्थियों की स्कैनिंग की जा रही है। मुख्य गेट पर चप्पलें खुलवाई जा रही हैं।
जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभ्यर्थी केंद्र में दाखिल हो रहे हैं तो उनके एडमिट और आधार कार्ड की जांच के लिए बायोमीट्रिक से अंगूठा लगाया जा रहा है। समय 12:30 बजे। अचानक जोरदार बारिश शुरू हो गई। अभ्यर्थी सड़क से पेपर बोर्ड को सिर पर रखकर बारिश से बचते हुए परीक्षा केंद्र की तरफ भाग रहे हैं। दोपहर 1:30 बजे परीक्षा केंद्र के गेट बंद कर दिए गए। 2:00 बजे परीक्षा शुरू हो गई। मोबाइल, स्मार्ट वॉच, डिजिटल घड़ी, ब्लूटूथ, इलेक्ट्रॉनिक पेन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध था।
एसडीएम प्रियांशु खाती ने बताया कि परीक्षा केंद्र सुल्तानपुर और सरोल में 700 अभ्यर्थियों ने नीट की परीक्षा दी। गेट से लेकर परीक्षा केंद्र तक अभ्यर्थी की पूरी जांच की गई।
थोड़ी परेशान हूं। मेहनती छात्रों को निष्पक्ष नतीजे मिलने चाहिए। फिर भी, दोबारा पढ़ाई करना और लगातार मेहनत करते रहना बहुत मुश्किल है। अब उम्मीद है कि परीक्षा अच्छी होगी। - स्नेहा
पेपर आसान और मुश्किल, दोनों तरह का लगा। छात्र वर्षों तक तैयारी करते हैं। फिर पेपर लीक होने से सभी पर असर पड़ता है। टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर बैन लगने से सुरक्षा इंतजाम बेहतर लग रहे हैं। - कविता
जो छात्र कड़ी मेहनत करते हैं, वे न्याय के हकदार हैं। पेपर लीक होने से उन्हें निराश नहीं किया जाना चाहिए। सुरक्षा के इंतजाम कड़े थे। पहने पेपर लीक होने से आहत थी। - अंजलि शर्मा
कड़े पहरे में परीक्षा देना चुनौतीपूर्ण लगा। पहले पेपर लीक होने से परेशान हुआ। अब ऐसा कुछ न हो, ऐसी उम्मीद करता हूं। हर छात्र परीक्षा की तैयारी कड़ी मेहनत से करता है। - आदेश ठाकुर
चंबा कॉलेज में नीट पेपर के दौरान अभ्यर्थी की जांच करती सुरक्षा कर्मी।संवाद
चंबा कॉलेज में नीट पेपर के दौरान अभ्यर्थी की जांच करती सुरक्षा कर्मी।संवाद