बैठक करते जनहित संगठन के सदस्य।
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जनहित संगठन ने चंबा में निर्माणाधीन बस स्टैंड का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि बस स्टैंड को रावी तट पर बनाया जा रहा है। जिससे कभी भी यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हाल ही में सुंदरनगर बस स्टैंड भी ऐसी ही एक आपदा की चपेट में आया था।
रावी से बस स्टैंड की दूरी महज कुछ ही फीट की है। रविवार को चंबा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए संगठन के अध्यक्ष किशोर शर्मा ने बताया कि रावी तट पर बस स्टैंड न बनाने को लेकर उन्होंने लंबा आंदोलन लड़ा है। इस बारे में भरमौर चौक पर पूर्व में चयनित जगह पर बस स्टैंड बनाने के बारे में भी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। लेकिन प्रशासन ने दो विधायकों के झुुकाव में आकर चंबा के हितों की अनदेखी कर दी है।
उन्होंने कहा कि रावी नदी पर पूर्व में कई बार फ्लड आ चुके हैं और उससे काफी ज्यादा नुकसान होता रहा है। भविष्य में भी ऐसी कोई घटना होती है तो उसका खमियाजा चंबा वासियों को भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर संगठन के संयोजक शादी लाल ने बताया कि जीरो प्वाइंट पर कुछ लोगों को लाभ देने के मकसद से बस स्टैंड की जगह बदली गई है। भविष्य में चंबा में राष्ट्रीय राजमार्ग प्रस्तावित है। यह राजमार्ग चंबा शहर के बाहर से बाईपास होता हुआ भरमौर तक पहुंचेगा। भरमौर जाने वाली गाड़ियों को पहले बालू और फिर बाईपास होते हुए भरमौर जाना होगा। बस स्टैंड का औचित्य खत्म हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि बस स्टैंड को जीरो प्वाइंट से हटाने के पीछे साजिश के तहत काम किया गया है। जिसका संगठन कड़ा विरोध करता है और इस मामले की जांच की मांग करता है। इस मौके पर संयोजक शादी लाल शर्मा, अध्यक्ष किशोर शर्मा, रमन सूद, नंद किशोर वैद, योगराज महाजन उपस्थित थे।