भरमौर(चंबा)। कबायली क्षेत्र भरमौर के सरकारी कार्यालयों व स्कूलों से अध्यापकों के फरलू मारने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हैरानी की बात तो ये है कि अभी कुछ दिन पूर्व ही विधायक और एडीएम द्वारा संयुक्त रूप से कई सरकारी कार्यालयों में दबिश दी गई थी। साथ ही ड्यूटी से नदारद रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई गई है। बावजूद इसके सरकारी कार्यालयों और स्कूलों से अध्यापकों के फरलू मारने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गरोला में दो अध्यापक जबकि, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मांधा में तीन अध्यापक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मांधा से एक चिकित्सक, स्वास्थ्य उपकेंद्र औरा से एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता नदारद पाई गए। एडीएम भरमौर पीपी सिंह ने स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। एडीएम भरमौर ने ड्यूटी से नदारद पाए जाने वाले अध्यापकों, चिकित्सकों व महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।
गौरतलब हो कि कबायली क्षेत्र भरमौर में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य कई विभागों में लोगों, स्कूली बच्चों को परेशानियों का ही सामना करना पड़ रहा है। कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों में तैनात अध्यापकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के ड्यूटी से नदारद रहना ही इसका मुख्य कारण है।
हांलाकि, इस बारे कई शिकायतें भरमौर प्रशासन के पास भी पहुंची हैं। जिसके बाद अब एडीएम भरमौर द्वारा विभिन्न विभागों और शिक्षण संस्थानों में औचक निरीक्षण का क्रम आरंभ किया गया है। शुक्रवार को रावमापा गरोला से दो अध्यापक, रावमापा मांधा से तीन अध्यापक नदारद पाए गए हैं।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पीपी सिंह ने बताया कि उपस्वास्थ्य केंद्र औरा में तैनात महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई थी। उन्होंने कहा कि ड्यूटी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।