खज्जियार (चंबा)। पर्यटन स्थल खज्जियार की झील में अब सैलानी बोटिंग का भी आनंद ले सकेंगे। इसके लिए ईको टूरिज्म सोसायटी ने झील में पांच बोट चलाने का फैसला लिया है। सैलानियों से बोटिंग का लुत्फ उठाने के लिए लिया जाने वाला शुल्क वन्य प्राणी विभाग तय करेगा। गौरतलब है कि बोटिंग होने से स्थानीय लोगों को जहां रोजगार के अवसर भी मिलेंगे, वहीं खज्जियार में पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे। यह फैसला वीरवार को खज्जियार में हुई ईको टूरिज्म सोसायटी की बैठक में लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता सोसायटी के सचिव डीएफओ वन्य प्राणी विभाग राजीव कुमार ने की। इस अवसर पर खज्जियार में पर्यटन को बढ़ाने देने के लिए कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
सैलानियों के लिए हट में ठहरने के लिए छूट
इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि सोसायटी कालाटोप और खज्जियार में स्थापित हटों में पर्यटकों से लिए जाने वाले किराये में भी कटौती करेगी। पर्यटकों से जहां पहले एक रात का 2500 रुपये शुल्क लिया जाता था, वहीं अब एक रात के एक हजार रुपये लिए जाएंगे। इसके अलावा पहली जुलाई से लक्कड़मंडी और मियाड़ी गला में बने बैरियर पर छोटे चौपहिया वाहनों सहित अन्य बड़े वाहनों से लिए जाने वाले शुल्क को भी तय कर दिया गया है। कार, सूमो सहित चौपहिया छोटे वाहनों से पहली जुलाई से प्रवेश शुल्क सौ रुपये निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा टेंपो ट्रेवल का दो सौ और बस का 300 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाएगा। वहीं, खज्जि नाग मंदिर की मरम्मत के लिए सोसायटी तीन लाख रुपये खर्च करेगी, जिससे मंदिर की सड़ रही लकड़ी को बदला जाएगा। यह धनराशि सोसायटी मंदिर कमेटी को देगी। काली माता मंदिर घटू, हटगली गला, होटल देवदार और गंगूबेई गांव को जाने वाले रास्ते में एक-एक वर्षा शालिका बनाई जाएगी। इस अवसर पर खज्जियार पंचायत प्रधान देसराज शर्मा, वन्य प्राणी विभाग के एसीएफ संजीव कुमार, वन परिक्षेत्र अधिकारी दुनी चंद, वन पालक सलीम बेग, वन रक्षक दीपक कुमार, रजत कुमार, पूर्व बीडीसी राज कुमार, जय कुमार, धर्मेंद्र शर्मा, ठेकेदार यूनियन अध्यक्ष नीरज सिंह सहित अन्य गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।