मेडिकल कॉलेज में नहीं बन रहे बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र
दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को हो रही ज्यादा परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। मेडिकल कॉलेज में नवजात बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र नहीं बन रहे हैं। आलम ये है कि जनवरी से जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों को अब तक प्रमाण पत्र नहीं मिल पाए हैं। उन्हें निराश होकर हर बार वापस लौटना पड़ रहा है। जन्म प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण अभिभावक वर्ग भी प्रबंधन की लचर व्यवस्था को कोसते साफ नजर आते हैं। अभिभावकों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि कई बार तो जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारी ही सीट पर नहीं मिलते हैं। कई बार साइट बंद होने का हवाला देकर उन्हें वापस भेजा जा रहा है।
प्रबुद्धजनों में अमित कुमार, जितेंद्र कुमार, लता देवी, कौशल्या देवी आदि ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जन्म प्रमाण पत्र संबंधी डाटा पहुंचने के बाद अभिभावक एक सादे कागज पर जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए अर्जी लिखते हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन सिस्टम होने से लोगों को जन्म प्रमाण पत्र के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बावजूद इसके मेडिकल कॉलेज में जनवरी में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने के बाद भी बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पर भी उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा है। जिले के दुर्गम क्षेत्र तीसा, सलूणी समेत आसपास के क्षेत्रों से जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए आने वाले लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। प्रबुद्धजनों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से व्यवस्था को सुधारने की मांग की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिपन ठाकुर ने बताया कि पूर्व में पंचायत सचिवों को ऑनलाइन प्रमाण पत्र तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण के चलते कर्मचारी वर्ग फील्ड में रहे। इसके अलावा अब साइट न चलने से जन्म प्रमाण पत्र बनाने में दिक्कत हो रही है।