फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chamba News: 10 महीने बाद आया बिल, हजारों की रकम देख भड़के उपभोक्ता

Wed, 09 Sep 2026 10:13 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
विज्ञापन
विज्ञापन
छह से सात हजार तक पहुंची देनदारी, बोले- हर माह बिल आता तो नहीं पड़ता एकमुश्त बोझ
विज्ञापन

किस्तों में भुगतान और ऑनलाइन जमा की सुविधा देने की मांग
मोहम्मद अयूब
चंबा। महीनों तक पानी और सीवरेज के बिल का इंतजार कर रहे उपभोक्ताओं के घर जब बिल पहुंचे तो राहत के बजाय परेशानी बढ़ गई। जल शक्ति विभाग ने करीब 10 महीने की राशि एक साथ भेज दी है।
कई उपभोक्ताओं को छह से सात हजार रुपये तक के बिल मिले हैं। एकमुश्त इतनी बड़ी राशि सामने आने के बाद उपभोक्ता विभाग की बिलिंग व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
विज्ञापन

उपभोक्ताओं शिव चरण चंद्रा, अभिनंदन वशिष्ट, सूर्य कांत शर्मा और रविंद्र सिंह सहित अन्य ने कहा कि उन्हें पहले बताया गया था कि फिलहाल पानी और सीवरेज के बिल नहीं लिए जा रहे हैं। अब अचानक 10 महीने का बिल एक साथ भेजे जाने से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है। उनका कहना है कि यदि बिल हर महीने जारी होते तो भुगतान आसान रहता और हजारों रुपये एक साथ जमा करवाने की नौबत नहीं आती।
उपभोक्ताओं ने विभाग से मांग की है कि मौजूदा बिलों का भुगतान किस्तों में करने की सुविधा दी जाए। साथ ही भविष्य में हर महीने के पहले सप्ताह में बिल उपलब्ध करवाया जाए। लोगों ने अन्य विभागों की तर्ज पर जल शक्ति विभाग के बिलों का ऑनलाइन भुगतान करने की सुविधा शुरू करने की भी मांग की है। उधर, जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेश मोंगरा ने कहा कि उपभोक्ताओं को अगस्त 2025 से जून 2026 तक का बिल आया है। उपभोक्ता चाहें तो बिल को किस्तों में जमा करवा सकते हैं।

कई महीनों तक बिल नहीं आया। अब अचानक हजारों रुपये का बिल भेज दिया गया है। एक साथ इतनी राशि जमा करवाना आम परिवार के लिए मुश्किल है।
- रविंद्र सिंह

विभाग को हर महीने बिल जारी करना चाहिए था। यदि नियमित बिल आते तो राशि भी कम होती और भुगतान करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आती।
- शिव चरण चंद्रा

विभाग की ओर से बताया गया था कि बिल नहीं लिए जा रहे हैं। अब 10 महीने का बिल एक साथ भेजना उपभोक्ताओं के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। विभाग को इस मामले में राहत देनी चाहिए। - सूर्य कांत शर्मा
विज्ञापन


छह से सात हजार रुपये तक के बिल देखकर उपभोक्ता परेशान हैं। विभाग को बिलों की जांच करने के साथ एकमुश्त राशि जमा करवाने के बजाय किस्तों में भुगतान की सुविधा देनी चाहिए। - अभिनंदन वशिष्ठ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें