लघु संयुक्त भवन पट्टी में मणिमहेश यात्रा में लंगर लगाने वाले आयोजकों के साथ एडीएम विनय धीमान की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें प्रशासन ने लंगर आयोजकों को लंगर की अनुमति देने के एवज में कुछ शर्तें रखी हैं। वहीं इस मौके पर लंगर आयोजकों ने भी अपने सुझाव दिए। इसके बाद अब इस पर मंथन होगा। लंगर आयोजकों को मणिमहेश न्यास से स्वीकृति देने से पहले प्रमुख तेरह शर्तों का पालन करना होगा। इनमें किसी की भी अवहेलना करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना और ब्लैक लिस्ट किए जाने का प्रावधान तय किया गया है।
मणिमहेश यात्रा 2016 के लिए 12 अगस्त से 12 सितंबर तक लंगर लगेंगे। जिसमें बीते वर्ष की तरह लंगर आयोजकों को अपनी संस्था का पंजीकरण करवाने के लिए सिक्योरिटी के रूप में जमा करवाने होंगे। इसके अलावा प्रत्येक लंगर आयोजकों को पांच शौचालयों की व्यवस्था भी करनी होगी। एडीएम विनय धीमान ने बताया कि सभी लंगर आयोजक फूड एंड सिक्योरिटी एक्ट के तहत श्रद्धालुओं को खाना परोसें, जिसमें प्लास्टिक व पॉलीथिन का प्रयोग बिल्कुल न करें।
इस अनियमितता पर कार्रवाई करने का प्रावधान है। सभी लंगर आयोजक लंगर के आगे दो तरह के कूड़ादान स्थापित करेंगे। वहीं लंगर आयोजक विभिन्न पड़ावों की रोजाना की गतिविधियों की रिपोर्ट मजिस्ट्रेट को सौंपेंगे। इस बार हड़सर से लेकर डल झील तक संबंधित प्लाट पर लंगर लगाने वाले पुराने आयोजक को इस बार भी अपने प्लाट पर लंगर लगाने की इजाजत मिली है। इस समस्या का समाधान लंगर आयोजकों पर छोड़ा गया है कि जहां वह लंगर लगाएंगे, वह स्थान भूस्खलन से प्रभावित तो नहीं है।
भरमौर से लेकर हड़सर तक लंगर आयोजकों को पुलिस थाना भरमौर से आज्ञा पत्र लेना होगा। प्रशासन ने लंगर आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि लंगर वाले स्थान पर दो हजार लीटर पानी की व्यवस्था हर समय रखें। लंगर आयोजकों को अपने लंगर में मणिमहेश ट्रस्ट का दानपात्र रखना अनिवार्य है। यात्रा समाप्त होने पर संबंधित मजिस्ट्रेट के पास इसे जमा करवाना भी लंगर आयोजकों की जिम्मेवारी है।
एडीएम विनय धीमान ने सभी लंगर आयोजकों को निर्देश दिए हैं कि यदि इस दौरान कोई लाउड स्पीकर का प्रयोग करता पाया गया तो उन कड़ी कार्रवाई होगी।