कुठाह में प्राकृतिक खेती के साथ उन्नत बीज उत्पादन का प्रशिक्षण, विशेषज्ञों ने बताए चयन से संरक्षण तक के गुर
खेत में आजमाएंगे सीखी तकनीक, किसानों को विभिन्न सब्जी फसलों के बीज भी बांटे
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी/चंबा। दुर्गम पांगी के खेतों में अब बेहतर बीज से ज्यादा और गुणवत्तापूर्ण सब्जी उत्पादन की तैयारी है। कुठाह में प्राकृतिक खेती के तहत सब्जी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के करीब 50 किसानों ने भाग लिया।
विषय विशेषज्ञ (बागवानी) पांगी डॉ. रमल अंगारिया ने बताया कि शिविर बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन ने उद्यान विभाग के सहयोग से आयोजित किया। इसका वित्तीय प्रायोजन जनजातीय विकास विभाग ने किया।
प्रशिक्षण का विषय ‘जनजातीय क्षेत्रों में प्राकृतिक खेती के अंतर्गत सब्जी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी’ रहा। विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीज के चयन, उत्पादन, संरक्षण और गुणवत्ता बनाए रखने की आधुनिक तकनीक समझाई। स्थानीय जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप प्राकृतिक खेती अपनाने पर भी जोर दिया गया।
सीख के साथ खेत तक पहुंचा बीज। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को विभिन्न सब्जी फसलों के बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. नरेन्द्र कुमार भरत, सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित वर्मा, परियोजना सहायक डॉ. अनुभव ठाकुर, वरिष्ठ तकनीशियन रूप सिंह और उद्यान विकास अधिकारी डॉ. सुरेश ठाकुर मौजूद रहे। विशेषज्ञों ने कहा कि स्थानीय संसाधनों पर आधारित प्राकृतिक खेती और उन्नत बीज उत्पादन से पांगी में किसानों की उत्पादकता के साथ आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।