डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर ग्रामीण
120 से अधिक की आबादी को उठानी पड़ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पंचायत बगढार के तहत बड़ोह गांव एक सप्ताह से पेयजल संकट का सामना कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में आठ दिन से नलों में पानी की आपूर्ति ठप है जिससे लोगों के साथ पशुधन के सामने भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
रमेश कुमार, जोगिंदर सिंह, रोशन लाल, बाबू राम, नाथो राम, महिंद्रा देवी, सीमा देवी, सोनिया सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव की आबादी 120 से अधिक है। अधिकांश परिवार पशुपालन पर निर्भर हैं। लगभग इतनी ही संख्या में पशु भी हैं। ऐसे में पानी की आपूर्ति बंद होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को डेढ़ किलोमीटर दूर पहाड़ी रास्तों से पानी लाना पड़ रहा है। पशुओं के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि धारद के लिए बनी पेयजल योजना में उनके गांव को शामिल नहीं किया था। चौहड़ा बांध से आने वाली पेयजल योजना में भी बड़ोह गांव शामिल नहीं है। इस कारण आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की है कि गांव को चौहड़ा पेयजल योजना से जोड़ा जाए।
जलशक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता कर्म चंद ने बताया कि पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान कर गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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आठ दिन से न तो पशुओं के लिए पानी मिल रहा है और न ही घरों में नल से पेयजल की आपूर्ति हो रही है। - रमेश कुमार
पीने के लिए भी पानी नहीं है। डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं। इससे मजदूरी करने वाले लोगों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हो रही है। - बाबू राम
पानी की किल्लत के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खाना बनाने, कपड़े धोने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं मिला रहा। - रोशन लाल
यह समस्या एक सप्ताह से बनी हुई है। विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा। कई घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा है। - नाथो राम