चंबा। दिल्ली में केवल बीएस-6 श्रेणी के वाहनों को प्रवेश की अनुमति दिए जाने के फैसले से जिले के टैक्सी चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जिले में करीब 500 बीएस-4 टैक्सियां पंजीकृत हैं, जिनकी दिल्ली में एंट्री बंद हो जाने से टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है।
जय चामुंडा माता टैक्सी यूनियन के प्रधान यशपाल ने बताया कि पहले रोजाना दिल्ली के लिए सवारियां आसानी से मिल जाती थीं, जिससे टैक्सी चालकों की नियमित आमदनी होती थी। अब बीएस-4 वाहनों की एंट्री बंद होने के बाद उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई चालक पूरी तरह दिल्ली रूट पर ही निर्भर थे।
उन्होंने कहा कि बीएस-4 टैक्सी चालकों के लिए किसी भी प्रकार की वैकल्पिक व्यवस्था न होने से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। ऐसे में परिवार का भरण-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है।
उधर, एचआरटीसी डिपो चंबा की सभी बसें बीएस-6 श्रेणी की हैं। वर्तमान में दिल्ली रूट पर प्रतिदिन पांच बीएस-6 बसें संचालित हो रही हैं, जबकि डिपो में कुल 22 बीएस-6 बसें उपलब्ध हैं। ऐसे में इस निर्णय का बस सेवाओं पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
जिले में कुल मिलाकर करीब 1000 बीएस-6 टैक्सियां हैं, जिन्हें दिल्ली जाने की अनुमति है, लेकिन बीएस-4 टैक्सी चालकों को इससे कोई राहत नहीं मिल पा रही है। टैक्सी चालकों ने सरकार से मांग की है कि उनके लिए कोई राहत पैकेज या वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि उन्हें हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।