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हादसे को न्यौता दे रहा खस्ताहाल खड़ामुख-न्याग्रां मार्ग

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होली (चंबा)। खड़ामुख-न्याग्रां मार्ग की खस्ताहालत हादसों को न्योता दे रही है। ग्रामीणों की मानें तो गत दिसंबर में होने वाली मूसलाधार बारिश के बाद मार्ग की दशा को सुधारने के लिए संबंधित विभाग ने जहमत नहीं उठाई। नतीजतन, इस मार्ग पर बेतहाशा गड्ढे पड़े हैं। बरसता में सड़क पर पड़े गड्ढों में पानी भर जाने की सूरत में वाहन चालकों को सड़क और गड्ढों में अंतर लगाना कठिन हो जाता है। नतीजतन, लोगों को सड़क पर हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है। इससे लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने भरमौर प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्राथमिकता के आधार पर उक्त सड़क की दशा को सुधारने के लिए उचित कदम उठाने की मांग है।
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गौरतलब है कि गरोला, चन्हौता, स्वाई, सियूर, क्वारसी, लांबू, साहं, कुठेड़, होली, दियोल, न्याग्रां, बजोल की करीब दस हजार की आबादी खड़ामुख-न्याग्रां मार्ग से होकर आवाजाही करती है। इसके अलावा इन पंचायतों के अधीन आते गांवों के स्कूली बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल होली , गरोला सीनियर सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी चन्हौता, न्याग्रां मिडल स्कूल का रुख करते हैं। ऐसे में सड़क पर पड़े गड्ढों के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा मार्ग की खस्ताहालत के चलते आधा दर्जन के करीब दोपहिया वाहन चालक घायल हो
चुके हैं।
ग्रामीणों राजेश कुमार, प्रवीण कुमार, उत्तम चंद, सुरेश कुमार, रजनीश कुमार, प्रमोद कुमार, केहर सिंह आदि का कहना है कि खड़ामुख-न्याग्रां मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते वर्ष सर्दियों के दौरान सड़क की दशा को अभी तक नहीं सुुधारा जा सका है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कनिष्ठ अभियंता राज कुमार का कहना है कि सड़क से होकर निजी परियोजना प्रबंधन की भारी मशीनरी गुजरने के कारण मार्ग की दशा बद से बदतर हो रही है। हालांकि, विभाग अपने स्तर पर मार्ग को दुरुस्त करवाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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