चंबा। जिला चंबा के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद महिलाओं को बेबी केयर किट नहीं दी जा रही है। इस वजह से गर्भवती महिलाएं काफी परेशान हैं।
कहने के लिए सरकार ने चंबा को आकांक्षी जिले में शामिल किया है। इसमें यह बात भी कही है कि आकांक्षी जिले के विकास में सरकार विशेष बजट खर्च करेगी, लेकिन पिछले छह महीने से मेडिकल कॉलेज के बेबी केयर किट के लिए बजट का प्रावधान सरकार नहीं कर पाई है।
इससे पता चलता है कि आकांक्षी जिले के विकास को लेकर सरकारें कितनी गंभीर हैं। प्रसव के बाद महिलाओं के परिजनों को नवजात के लिए कपड़ों सहित अन्य सामान बाजार से खरीदना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में ही यदि महिलाओं को बेबी केयर किट नहीं मिल रही है तो जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भी इनका आवंटन होना मुश्किल है। मेडिकल कॉलेज चंबा में हर माह 200 से 300 प्रसव होते हैं। इसलिए यहां महिलाओं को बेबी केयर किट मुहैया करवाना काफी जरूरी है। बेबी केयर किट में बच्चे की मालिश के लिए तेल, तौलिये सहित अन्य जरूरी सामान उपलब्ध रहता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने बताया कि बेबी केयर किट को लेकर सरकार से मांग की जा चुकी है। जल्द चंबा में किट पहुंच सकती हैं।
सरकारी अस्पताल में बेबी केयर किट का न मिलना काफी चिंतनीय है। गरीब परिवार की महिलाएं प्रसव के लिए सरकारी अस्पताल में ही जाती हैं। ऐसे में वहां बेबी केयर किट नहीं दिए जाने से नवजात के लिए सामान बाजार से खरीदना पड़ रहा है। - नीलम कुमारी, निवासी तीसा
कुछ दिन पहले रिश्तेदार की महिला का मेडिकल कॉलेज में प्रसव हुआ था। प्रसव के दौरान बेबी केयर किट नहीं दी गई। आकांक्षी जिले में महिलाओं को यह सुविधा मिलनी चाहिए। प्रसव के वक्त अस्पताल में ही महिलाओं को सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। - कांता देवी, निवासी सलूणी
पहले मेडिकल कॉलेज में प्रसव करवाने पर महिलाओं को बेबी केयर किट दी जा रही थीं, लेकिन अब जो भी महिलाएं मेडिकल कॉलेज में प्रसव करवा रही हैं, उन्हें बेबी केयर किट नहीं दी जा रही है। इससे महिलाएं काफी परेशान हैं। - सुदर्शना, निवासी चुराह
सरकारी अस्पताल में प्रसव के उपरांत बेबी केयर किट मिलने से महिलाएं काफी खुश थीं, लेकिन अब उनकी खुशी मायूसी में बदल रही है। जो भी गर्भवती प्रसव के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रही हैं, उन्हें बेबी केयर किट नहीं दी जा रही है। - बिमला देवी, निवासी भरमौर