पुखरी (चंबा)। चंबा की हमल पंचायत में 1998 में खुली आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी को अब तक अपना भवन तक नसीब नहीं हो पाया है। यह केंद्र 28 साल से किराये के भवन में चल रहा है, जिसका खामियाजा 12 गांवों के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों को 20 किलोमीटर का सफर तय कर जिला आयुष अस्पताल बालू का रुख करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक डिस्पेंसरी के भवन के लिए मार्च 2018 में जमीन चयनित होने के बाद वर्ष 2022 इसका शिलान्यास किया गया, लेकिन बजट की कमी के कारण अभी तक इसका काम धरातल पर नहीं उतर पाया है। इससे ग्रामीणों में सरकार और विभाग के प्रति काफी रोष है। इससे कलेल, धार, बंजल, मऊआ, धनौथा, कोटुई, टिकरी और जकडुई गांव प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीण ध्यान चंद, रूबी, संजय कुमार, सुरेंद्र पठानिया, दलीप कुमार, किरपा राम, प्रमोद कुमार और हरीश कुमार ने बताया कि एक तरफ तो सरकार विभाग आयुष पद्धति को बढ़ावा देने की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी का अपना भवन ही न होना चिंता का सबब बना हुआ है। उन्होंने जल्द भवन के लिए बजट उपलब्ध करवाने की मांग की है।
डिस्पेंसरी के भवन निर्माण के लिए बजट जारी के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। बजट मिलने पर विभाग को कार्य सौंप कार्य आरंभ करवाने के प्रयास रहेंगे। डॉ. दलीप कुमार शर्मा, जिला आयुष अधिकारी