आगामी फायर सीजन को देखते हुए वन विभाग ने प्रबंध पुख्ता करने शुरू कर दिए हैं। विभाग लोगों के सहयोग से एक ऐसी टीम का गठन करेगा जो अग्निकांड की सूचना मुहैया करवाए। इतना ही नहीं आस-पड़ोस के जंगल में कहीं आग लगती है तो उसे बुझाने में भी लोग मदद के लिए आगे आएं।
इस कड़ी में वन विभाग ने अप्रैल माह में होने वाली ग्रामसभा की बैठकों में वनों को आग से बचाने के मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला लिया है। विभाग ने अपने कर्मचारियों को भी मुस्तैद रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू होगा। इस दौरान अग्निकांड के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। कुछ जगहों पर घास की पैदावार बढ़ाने के लिए भी लोग जंगल को आग के हवाले कर देते हैं।
कुछ स्थानों पर लोक निर्माण विभाग की लेबर के कारण भी जंगलों में अग्निकांड के मामले सामने आते रहे हैं। इस बार वन विभाग ने जंगल में आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है। आग लगाने वालों की सूचना देने वालों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
विभागीय अधिकारी उन संवेदनशील जंगलों के रेंज की सूची भी तैयार कर रहे हैं जिनमें पिछले कुछ सालों से लगातार अग्निकांड की घटनाएं होती रही हैं।
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15 अप्रैल से पहले पूरी होंगी तैयारियां : वन विभाग
वनमंडल अधिकारी चंबा संजीव शर्मा ने बताया कि 15 अप्रैल से फायर सीजन शुरू होगा। विभाग इसके शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने में जुटा है। ग्रामसभा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। ताकि वे अग्निकांड की घटनाओं की जानकारी देने और इन्हें रोकने में वन विभाग की मदद करें।
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