तेज हवाओं के साथ घरों की ओर बढ़ रही थीं आग की भीषण लपटें
ऐतिहासिक चामुंडा मंदिर के साथ लगते जंगल में भड़की थी आग
झाड़ियों की मदद से आग को फैलने से रोकते रहे विभाग के कर्मचारी
रात का अंधेरा गहराता जा रहा था लेकिन जंगल की आग आसमान को लाल कर रही थी। तेज हवाओं के साथ उठती लपटें धीरे-धीरे घरों की ओर बढ़ रही थीं और लोगों की धड़कनें भी। पीठ पर पानी से भरा स्प्रे पंप, हाथों में झाड़ियों के लट्ठ और सामने धधकता जंगल... यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं, बल्कि चंबा में बीती बुधवार रात को वन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की उस जंग की तस्वीर थी जो अपने जंगल और आशियानों को बचाने के लिए आग से सीधे मुकाबला कर रहे थे।
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प्रवीण कुमार
चंबा। ऐतिहासिक चामुंडा मंदिर के साथ लगते जंगल में बीती बुधवार रात को करीब 10 बजे भीषण आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलते हुए रिहायशी क्षेत्र के करीब पहुंच गई। इससे आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए। वे अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास करने लगे। स्थिति गंभीर होने पर वन विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद डीएफओ, आरओ, बीओ और वन रक्षक मौके पर पहुंचे।
वन रक्षक पीठ पर वाटर स्प्रे पंप लेकर दहकते जंगल में उतरे और आग की लपटों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान चारों ओर धुआं और आग की तेज लपटें उठती रहीं। अन्य वन अधिकारी मौके पर उनकी सुरक्षा और निगरानी में जुटे रहे।
रात करीब 11 बजे तक आग जंगल से फैलकर खेतों तक पहुंच गई और रिहायशी क्षेत्र के और करीब आ गई। इस दौरान वन विभाग की टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान तेज कर दिया। वन रक्षक वाटर स्प्रे पंप से आग पर पानी की बौछार करते रहे जबकि अन्य कर्मचारी झाड़ियों और टहनियों की मदद से आग को फैलने से रोकते रहे। करीब 11:30 बजे तक चले इस अभियान के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया।
उधर, डीएफओ कृतज्ञ कुमार ने बताया कि चामुंडा मंदिर के साथ लगते जंगल में आग भयंकर रूप ले चुकी थी। इसे बुझाने के लिए वन विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया। देर रात तक आग बुझाने का अभियान जारी रहा। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में शरारती तत्वों की ओर से आग लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। मामले की जांच की जा रही है।