साहो क्षेत्र में सेब के पौधों की कटिंग-प्रूनिंग में जुटा बागवान। संवाद
साहो (चंबा)। मौसम खुलते ही बागवान अपने सेब के बागीचों में कटिंग-प्रूनिंग के कार्य में जुट गए हैं। फरवरी से लेकर मार्च तक सेब की विभिन्न प्रजातियों के पौधों, पेड़ों की कटिंग-प्रूनिंग का समय रहता है। ऊपरी और निचले क्षेत्रों के बागवान आगामी सीजन में बंपर फसल पाने के लिए खेतों में सुबह से शाम तक डटे हैं। बागवानों का कहना है कि समय-समय पर सेब की पौध-पेड़ों की देखरेख होने से उन्हें अधिक मुनाफा होने की आस रहती है।
साहो क्षेत्र के अधीन आने वाले कीड़ी, अठलुई, गुवाड़, सराहण, रजिंडू और बंजल समेत अन्य क्षेत्रों ये कार्य चल रहा है। बागवान कविंद्र, संजीव कुमार, धारो राम, अशोक कुमार, रत्न चंद, अशोक कुमार, कमलेश कुमार, संजीव कुमार ने बताया कि इस समय वे बगीचों में उद्यान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के परामर्श के अनुसार कॉपर ऑक्सी क्लोराइड का स्प्रे कर रहे हैं।
ये स्प्रे बगीचे को कैंकर रोग के प्रकोप रोकने के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि 10 से 15 दिन के बाद सेब के पौधों-पेड़ों में संक्रमण रोकने के लिए फिर से ग्रीन टिपर स्प्रे करना अनिवार्य रहता है।
उधर, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बताया कि सेब के पेड़ों-पौधों की समय पर कटिंग-प्रूनिंग होने के बाद समय-समय पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के परामर्श अनुसार स्प्रे कर बागवान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।