चंबा। जिला चंबा में दो दिन हुई बारिश और बर्फबारी ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिलेभर में 61 सड़कें अब भी बंद हैं और 118 विद्युत ट्रांसफार्मर ठप होने से 590 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि रविवार को मौसम के साफ होते ही बर्फबारी के कारण रुकी हुई व्यवस्थाएं फिर से बहाल होने लगी हैं। चंबा-जोत मार्ग 48 घंटों के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया है।
दो दिन तक बारिश और बर्फबारी को दौर जारी रहने के बाद जिला चंबा में रविवार को चटक धूप खिली। मौसम साफ होने के कारण रविवार को बिजली बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, जलशक्ति विभाग के कामगार और मशीन फील्ड में उतरकर जनसुविधाओं से जुड़ी सेवाओं को बहाल करने में जुट गए। सुबह तक जिला चंबा में 117 सड़कों पर आवाजाही बंद पड़ी थी।
लोक निर्माण विभाग की मशीनरी और कामगार दिनभर फील्ड में जुटे रहे और 56 सड़कों को आवाजाही के लिए बहाल कर दिया। पीडब्ल्यूडी चंबा मंडल में 12 सड़कें बहाल हुई हैं। हालांकि जिले में अभी भी 61 सड़कें बर्फबारी के कारण बंद चल रही हैं। इनमें डलहौजी की एक, तीसा की आठ, सलूणी की तीन, भरमौर की 23 और पांगी की 26 सड़कें शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी की मशीनरी बंद मार्गाें को बहाल करने में जुटी है।
बारिश और बर्फबारी के बाद जिला चंबा में 254 विद्युत ट्रांसफार्मर बंद हो गए थे। रविवार को बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने 136 ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त कर दिया। अभी भी जिला चंबा में 118 विद्युत ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इसमें तीसा में 33 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। इसके अलावा भरमौर में 47, पांगी में 21, चंबा में 9, डलहौजी में 6 और सलूणी में 2 ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हैं। उधर, जलशक्ति विभाग की टीम ने रविवार को बर्फबारी के बाद बंद हुई पांच पेयजल योजनाओं को बहाल कर दिया है। वहीं, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने कहा कि रविवार को अधिकांश मार्गाें और ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया है। सोमवार शाम तक व्यवस्था ओर बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे है।
चंबा में बर्फबाारी के बाद जोत मार्ग को बहाल करने में जुटी जेसीबी मशीन।संवाद
चंबा में बर्फबाारी के बाद जोत मार्ग को बहाल करने में जुटी जेसीबी मशीन।संवाद