फल का छोटा आकार या पत्ते रहे हैं तो विभाग को दें सैंपल : डॉ. प्रमोद
तीसा और होली एरिया में सेब के पतझड़ रोग से बागवान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। सेब के बगीचों में सेब का आकार छोटा रह गया हो या पत्ते झड़ रहे हों तो बागवान विभाग के पास पत्ते के सैंपल दे सकते हैं। उद्यान विभाग ने बागवानों के लिए यह एडवाइजरी जारी की है कि जिन इलाकों में पतझड़ रोग लगा है, वे बागवान पचास से साठ सेब के पत्ते धूप में सुखाने के बाद नजदीकी विभाग में दें। बीते दिनों से होली और तीसा एरिया में सेब का आकार छोटा और पत्ते झड़ने से बागवान काफी परेशान हैं। जिन पौधों पर सेब लगे हैं, उन पौधों पर ही पतझड़ रोग असर कर रहा है। विभाग सेब के पेड़ों के पत्तों के सैंपल मिलने के बाद बगीचों में हो रही समस्या की जांच करेगा।
गौरतलब है कि जिले के कई क्षेत्रों में सेब पकने से पहले ही बगीचों में पत्ते झड़ने लगे हैं। इसका असर सेब की पैदावार पर हो रहा है। विभाग के पास इसकी जानकारी पहुंचने पर विभाग पतझड़ रोग को अल्टरनेरिया लीफ स्पाॅट बीमारी बताते हुए पत्ते के सैंपल विभाग के पास जमा करने की सलाह दे रहा है। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह का कहना है कि सेब के पौधों में किसी विशेष पोषक तत्व की कमी तथा उसके निदान के लिए पत्तों के नमूनों को बागवान कार्यालय में जमा करवा दें। कहा कि 15 जुलाई से 15 अगस्त तक एक साल की नई वृद्धि वाली शाखा के बीच विकसित पत्ते जो किसी विशेष समस्या को दर्शा रहे हों उन्हें डंडी सहित तोड़ें और अच्छी तरह धो कर छाया में सुखाकर कागज के बैग में डालकर अपना पता लिख कर अपने नजदीक के उद्यान केंद्र में जमा करवाएं। पत्तियों को जमीन से करीब 4-6 फुट ऊपर से लेना चाहिए। सीजन में फल न लगने वाले अंकुरों या स्पर से नमूना लें।