दो साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया, माता-पिता ने खोया इकलौता बेटा
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के दौरान हादसे में गई चंद्रमणि कुलेठी की जान
संवाद न्यूज एजेंसी
होली (चंबा)। दो साल का मासूम बेटा, पत्नी और माता-पिता को पीछे छोड़कर युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रमणि कुलेठी दुनिया से चले गए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के दौरान हुए हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।
चंद्रमणि की असमय मौत से होली घाटी में शोक की लहर है, वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर होली क्षेत्र में तैयारियां चल रही थीं। चंद्रमणि भी आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे थे। रात के समय पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने के दौरान वह बिजली की तारों की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी मौत हो गई। जिस कार्यक्रम की तैयारियों में वह सक्रियता से भाग ले रहे थे, उसी दौरान हुए हादसे ने परिवार को ऐसा जख्म दिया, जिसे भर पाना मुश्किल है।
माता-पिता की इकलौती संतान थे चंद्रमणि
चंद्रमणि अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। बेटे की मौत की खबर ने माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार पहले ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि उनके पिता का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था। ऐसे समय में बेटे का सहारा मिलने के बजाय उसकी मौत की खबर ने परिवार को तोड़कर रख दिया।
मासूम को उम्रभर खलेगी पिता की कमी
चंद्रमणि के निधन से उनकी पत्नी के सामने परिवार की जिम्मेदारियां आ गई हैं। वहीं, दो साल का बेटा अभी उस उम्र में है, जब बच्चे को पिता के स्नेह, सुरक्षा और साथ की सबसे अधिक जरूरत होती है। वह शायद अभी इस बिछोह को समझ भी नहीं सकता, लेकिन पिता की कमी उसके जीवन का हिस्सा बन गई है। परिवार ने भविष्य को लेकर जो सपने संजोए थे, वे भी इस हादसे से बिखर गए।
चंद्रमणि के निधन से होली घाटी में शोक
चंद्रमणि के निधन की खबर फैलते ही होली घाटी में शोक छा गया। क्षेत्र के लोगों ने उनके असमय चले जाने पर दुख जताया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी चंद्रमणि के निधन पर शोक व्यक्त किया।
चंद्रमणि कुलेठी। फाइल फोटो।