दुर्घटना के बाद उड़े बस के परखर्चो के नीचे से लोगों की तलाश करते ग्रामीण व अन्य।
- फोटो : Chamba
चंबा। बौंदेड़ी-चंबा मार्ग पर तीसा के कॉलोनी मोड़ के समीप हुई बस दुर्घटना में प्रशानसन और सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खुलती दिखी। दुर्घटनास्थल पर पैरापिटों का अभाव, स्ट्रेचरों की कमी और एंबुलेंस की कमी साफ देखने को मिली। आलम, ये है कि बौंदेड़ी-चंबा मार्ग पर कॉलोनी मोड़ के समीप पैरापिटों का नामोनिशान तक नहीं है। नतीजतन, यहां पर होने वाली दुर्घटनाओं से लोनिवि अभी तक सीख नहीं ले पाया है। ऐसे में दुर्घटनास्थल पर हर कोई यही कहता हुआ सुना गया कि काश पैरापिट होते तो काल का ग्रास बने मासूम बच सकते थे। वहीं, दुर्घटनास्थल पर बस के उड़े परखच्चों के नीचे दबे लोगों को निकाल कर सड़क तक पहुंचाने के लिए एक तरफ जहां स्ट्रेचरों की व्यवस्था न होने की सूरत में बस की सीट, कंबल और चादरों के जरिये घायलों को सड़क तक पहुंचाया गया। वहीं, दूसरी ओर सिविल अस्पताल तीसा से चंबा के लिए रेफर किए गए तीन घायलों को पर्याप्त एंबुलेंस न होने की सूरत में एक ही एंबुुलेंस में लेटा कर भेजा गया।
ऐसे में सवाल उठता है कि आपदा और दुर्घटनाओं के समय बचाव व राहत कार्यों के लिए गठित की गई टीम का मुख्य मकसद महज प्रशिक्षणों तक ही सीमित हो कर रह गया है। वास्तव में इस टीम के कार्यों की जमीनी हकीकत देखने तक को नहीं मिल पा रही है।
निजी बस दुर्घटना में घायल हुए लोगों को घटनास्थल से निजी वाहनों व एंबुलेंस के जरिये सिविल अस्पताल तीसा पहुंचाया गया। जहां पर घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। सिविल अस्पताल तीसा में दो 108 एंबुलेंस और एक आरकेएस की छोटी एंबुलेंस है। नतीजतन, एक एंबुलेंस झज्जा में एक मरीज को लाने के लिए मौके पर रवाना हुई थी। ऐसे में अस्पताल में उपलब्ध एकमात्र 108 एंबुलेंस के जरिये तीन घायलों को मेडिकल कॉलेज चंबा के लिए रेफर किया गया। उपायुक्त चंबा डीसी राणा ने बताया कि लोनिवि को मार्ग को चौड़ा कर पैरापिटों का निर्माण करवाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा निजी बस दुर्घटना के पीछे रहे कारणों की जांच करने के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया है।
लोगों ने अपने रिश्तेदारों को फोन कर कुशलक्षेम जाना
बौंदेड़ी-चंबा मार्ग पर कॉलोनी मोड़ के पास निजी बस दुर्घटनाग्रस्त होने की भनक लगते ही लोग अपने रिश्तेदारों को फोन कर उनका कुशलक्षेम जानने में व्यस्त हो गए। नतीजतन, दुर्घटनास्थल पर भी लोगों के फोनों की घंटियां घनघनाती रहीं।
दुर्घटनास्थल पर लोगों की भीड़ से लगा जाम
दुर्घटनास्थल पर एकत्रित लोगों की भीड़ को हटाने में पुलिस जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों की भीड़ से जाम लगने की सूरत में पुलिस जवान रास्ता खाली करने का आग्रह करते दिखे।
रक्तदान करने के लिए विभिन्न संस्थाओं के लोग आगे आए
बस दुर्घटना में घायलों को ब्लड देने के लिए विभिन्न संस्थाओं के लोग आगे आए। मेडिकल कॉलेज चंबा में पहुंच कर संस्थाओं के प्रतिनिधि किसी भी ग्रुप के ब्लड की आवश्यकता होने पर उनसे संपर्क करने की बात कहते दिखे।