चंबा। सीटू के नेतृत्व में 108 और 102 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने रविवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर महात्मा गांधी प्रतिमा परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार और एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं, इस दौरान अस्पताल पहुंचने के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान कुछ मरीज टैक्सी और निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचे।
उधर, उपायुक्त कार्यालय के बाहर सीटू जिला सचिव सुदेश ठाकुर ने बताया कि कंपनी इन कर्मचारियों का शोषण कर रही है। कंपनी की ओर से उन्हें न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा है और न ही उन्हें संपूर्ण लाभ मिल रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईपीएफ को लेकर भी कर्मचारियों से धोखाधड़ी की जा रही है। सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही है। इसकी वजह से उन्हें हड़ताल करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसी हड़ताल के चलते जिला से 45 एंबुलेंस कर्मचारी शिमला में सोमवार को होने वाले विशाल धरना-प्रदर्शन के लिए रवाना हुए। चार दिन से कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर आंदोलनरत है।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार और प्रबंधन उनकी मांगों को लंबे समय से अनसुना कर रहा है। इस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वे ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मगर सरकार और प्रबंधन उनकी मांगों को कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसलिए उन्हें मजबूरन आंदोलन करन पड़ रहा है।