चंबा। जिले में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के कर्मचारी सोमवार को भी हड़ताल पर डटे रहे। इसका खामियाजा दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों को भुगतना पड़ा। आपात स्थिति में कई मरीजों को टैक्सी के जरिये पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचना पड़ा।
बालू क्षेत्र में कई एंबुलेंस सड़क के किनारे खड़ी नजर आईं। जानकारी के अनुसार 24 एंबुलेंस सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं, जबकि केवल छह एंबुलेंस ही संचालित हो सकीं, जो जरूरत के मुकाबले बेहद कम थीं। इस दौरान लोग लगातार 108 नंबर पर कॉल करते रहे, लेकिन पर्याप्त सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाईं।
कर्मचारी न्यूनतम वेतन, ईपीएफ और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर पिछले पांच दिन से हड़ताल पर हैं। सोमवार को वे अपनी मांगों को लेकर शिमला में प्रदर्शन करने पहुंचे।
सीटू जिला अध्यक्ष नरेंद्र ने बताया कि एंबुलेंस कर्मचारी 24 घंटे मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं और कई बार एंबुलेंस में ही गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव करवा चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम वेतन और अन्य वैधानिक सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं।
उनका कहना है कि कर्मचारियों ने पहले भी कई बार सरकार और कंपनी के समक्ष अपनी मांगें रखीं, लेकिन समाधान न होने के कारण उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों का कहना है कि इस दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी सरकार और कंपनी की होगी।