चंबा। चंबा जिला में कुछ माह पहले आई 14 नई एंबुलेंस गाड़ियों की बीस हजार किमी चलने के बाद भी सर्विस नहीं की जा रही है। जिसकी वजह से गाड़ियां बार-बार खराब हो रही हैं। समय रहते इन गाड़ियों की सर्विस नहीं करवाई गई तो आने वाले समय में सड़क किनारे धूल फांकती हुई नजर आएंगी। इन 14 नई एंबुलेंसों के अलावा अन्य एंबुलेंस वाहनों की हालत इससे भी ज्यादा दयनीय हो चुकी है। जिसकी तरफ न संचालक कंपनी ध्यान दे रही है ओर न ही स्वास्थ्य विभाग इसमें गंभीरता दिखा रहा है। एंबुलेंस कर्मचारी मजबूरी में गाड़ियों को चला रहे हैं।
चंबा में पांच 108 एंबुलेंस वाहन पिछले दो महीनों से जगह-जगह धूल फांक रहे हैं। इसमें डलहौजी में डेढ़ माह से, आईएफटी चंबा में तीन महीने, चंबा में दो दिन, सूलणी में दो दिन व पांगी में चलने वाली 108 एंबुलेंस पांच महीनों से खराब पड़ी हैं। इसके अलावा तीन 102 एंबुलेंस सड़क किनारे खड़ी हैं। इसमें साहो में तीन महीने, चंबा-एक दो महीने व किलाड़ में 102 एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त के बाद कभी रिपेयर ही नहीं हो पाई। जिस कारण मरीजों व गर्भवती महिलाओं को अस्पताल जाने आने में काफी परेशानी हो रही है।
एंबुलेंस गाड़ियां तकनीकी खराबी की वजह से ऑफ रोड हो चुकी हैं। इन एंबुलेंस में तैनात स्टाफ जरूरत अनुसार दूसरी एंबुलेंस में अपनी सेवाएं दे रहा है। लेकिन कंपनी स्टाफ के वेतन को काट कर दे रही है। इसकी वजह से भी एंबुलेंस कर्मचारी परेशान हैं। क्योंकि खराब एंबुलेंस को ठीक करवाना कंपनी की जिम्मेवारी है।
एंबुलेंस संचालक कंपनी के कांगड़ा-चंबा प्रभारी अभिषेक भंगालिया ने बताया कि उनके ध्यान में यह समस्याएं अभी लाई गई हैं। आगामी दो या तीन दिनों में सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा।