होली (चंबा)। बारिश न होने से जनजातीय क्षेत्र होली की प्रमुख फसल राजमाह बरबाद होने की कगार पर है। हालत यह है कि राजमाह के पौधे सूखने लगे हैं। इसके चलते किसान परेशान हैं। बारिश न होने से राजमाह के साथ माह, कुल्थ और मक्की की फसल पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। इलाके की प्रमुख फसलों में राजमाह रहता है। हर साल यहां से करीब दो सौ क्विंटल राजमाह बाहरी जिलों और राज्यों के लिए जाता है। वही, दूसरी ओर यहां पांच साल से जहां कृषि प्रसार अधिकारी का पद खाली चल रहा है, वहीं, दूसरी तरफ उद्यान विभाग के प्रसार अधिकारी की कुर्सी भी अधिकारी के इंतजार में है। इलाके के किसानों में राज कुमार, सुरेंद्र सिंह, देवी प्रकाश, रमेश कुमार, रोशन लाल, कल्याण चंद, किशन दास, धर्म सिंह, प्रकाश चंद, प्रताप चंद, पवन कुमार, विनोद कुमार, अजय कुमार का कहना है कि राजमाह की फसल बारिश के चलते सूखने की कगार पर पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि अधिकतर ग्रामीण खेतीबाड़ी से ही अपनी आजीविका अर्जित करते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से सिंचाई के लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं, लेकिन इन योजनाओं की जानकारी क्षेत्र के किसानों को नहीं है। यहां काफी समय से अधिकारियों के पद खाली चल रहे हैं। किसानों और बागवानों ने सरकार से मांग की है कि होली में सिंचाई योजना की जानकारी संबंधित शिविर आयोजित किया जाए, ताकि किसानों की फसलें इस तरह से बर्बाद न हों।
एसडीएम भरमौर मनीष कुमार सोनी ने बताया कि इस बारे में सूचना मिली है। कहा कि अधिकारियों के पद रिक्त होने को लेकर उच्च स्तर पर बात की जाएगी।