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Chamba News: मुफ्त जांच के दरवाजे से मरीजों को निजी लैब की राह दिखाने का आरोप

Sat, 07 Nov 2026 09:36 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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मेडिकल कॉलेज चंबा में कुछ युवकों पर झांसे में लेकर तीमारदारों को निजी लैब में ले जाने का लगाया आरोप
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मुफ्त जांच के बावजूद जेब से खर्च करने पड़ रहे पैसे, एक तीमारदार ने बेटी के यूरिन टेस्ट के लिए चुकाए 250 रुपये
प्रवीण कुमार
चंबा। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में निशुल्क जांच की सुविधा के बावजूद मरीजों को निजी लैब में पैसे खर्च करने पड़ने की शिकायत सामने आई है।
तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल के बाहर कुछ युवक जांच करवाने जा रहे मरीजों को अपने झांसे में लेकर निजी लैब तक पहुंचा रहे हैं। वहां निशुल्क उपलब्ध जांच के लिए भी उनसे पैसे वसूले जा रहे हैं। इससे जरूरतमंद मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
तीमारदार हंसराज, केवल कुमार, चमन सिंह, योगराज और सुरेंद्र ने बताया कि कुछ युवक सरकारी लैब के आसपास सक्रिय रहते हैं। वे मरीजों की जांच संबंधी पर्चियां देखकर उन्हें निजी लैब में जाने के लिए कहते हैं। कई मरीजों को सरकारी स्तर पर उपलब्ध निशुल्क सुविधाओं की जानकारी नहीं होती। ऐसे में वे निजी लैब में जांच करवाकर पैसे देने को मजबूर हो जाते हैं। तीमारदारों ने मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 800 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें लगभग 300 मरीजों को विभिन्न जांच करवाने की सलाह दी जाती है। दोपहर 12 बजे तक सरकारी लैब में जांच होती है। इसके बाद क्रस्ना लैब के माध्यम से निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध रहती है।

कई महत्वपूर्ण जांच होती हैं निशुल्क
मेडिकल कॉलेज में सीबीसी, हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड शुगर, फास्टिंग शुगर, एलएफटी, एसजीओटी, एसजीपीटी, किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), यूरिया, क्रिएटिनिन, यूरिक एसिड, थायराइड, लिपिड प्रोफाइल, यूरिन कल्चर और माइक्रोस्कोपी सहित कई जांचें निशुल्क की जाती हैं।

बेटी के यूरिन टेस्ट के लिए देने पड़े 250 रुपये
साहो निवासी मनोज कुमार ने बताया कि वह बेटी के पेट दर्द का उपचार करवाने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। डॉक्टर की सलाह पर यूरिन टेस्ट करवाने जा रहे थे। इसी दौरान गेट के पास मौजूद एक युवक ने उनकी पर्ची देखी और उन्हें निजी लैब ले गया। वहां जांच के लिए उनसे 250 रुपये लिए गए। मनोज कुमार के इस अनुभव ने अस्पताल के बाहर मरीजों को निजी लैब तक ले जाने की शिकायत को गंभीर बना दिया है।
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मामला ध्यान में लाया गया है। इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज की सरकारी लैब और क्रस्ना लैब में मरीजों को निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। - डॉ. मानिक सहगल, प्रवक्ता, मेडिकल कॉलेज
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