चंबा। बाहरी राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों को अब प्रशासन ने संस्थागत क्वारंटीन करने का फैसला लिया है। इससे पहले ऐसे लोगों को होम क्वारंटीन रखा जा रहा था। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
जिला प्रशासन के मुताबिक जिले में स्थित नजदीकी स्कूलों, पंचायत घरों और सामुदायिक भवनों में बनाए गए संस्थागत क्वारंटीन भवनों में इन लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। इतना ही नहीं, संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में रखे जाने वाले लोगों के लिए खाने सहित शौचालयों की सहूलियत का प्रबंध किया जाएगा।
इसके लिए बाकायदा जिला प्रशासन ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बहरहाल, इन निर्देशों के अनुरूप बुधवार को बाहरी राज्यों और जिलों से आए लोगों को होम क्वारंटीन से संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में शिफ्ट कर दिया गया है।
गौरतलब हो कि बाहरी राज्यों से 2500 और दूसरे जिलों से अभी तक जिले करीब दस हजार विद्यार्थी, नौकरी पेशा सहित अन्य सिलसिले में गए लोग पहुंचे हैं। ये लोग बाहरी राज्यों देहरादून, दिल्ली, हरियाणा, जालंधर, उत्तराखंड, पंजाब, अमृतसर, बंगलूरू सहित बाहरी जिलों, ऊना, अमृतसर, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला और कुल्लू से आए हैं।
जिले के बार्डर में पहुंचने वाले प्रशासन की तैनात टीमों ने इनका चेकअप करने सहित दस्तावेज जांच के बाद इन्हें बफर क्वारंटीन सेंटरों में रखा। बफर क्वारंटीन सेंटरों में रखने और उनके सैंपलों की जांच के बाद इन लोगों को होम क्वारंटीन केंद्रों में रखने के बारे में सख्त निर्देश प्रशासन ने जारी किए थे।
सूत्रों के मुताबिक होम क्वारंटीन में रखे गए कुछ लोगों ने इन निर्देशों को हल्के में लेते हुए सार्वजनिक स्थलों पर घूमते-फिरते भी पाया गया। इसके तहत पुलिस विभाग ने करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किए हैं।
इसी क्रम में अब प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ऐसे लोगों को होम क्वारंटीन में रखने की जगह इन लोगों को पंचायत स्तर पर स्थित भवनों में रखा जाएगा। संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में इन लोगों के पहुंचने के बाद यहां पर तैनात आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्थ वर्करों नजर रखेंगी।
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एडीएम मुुकेश रेस्पवाल ने बताया कि बाहरी राज्यों और जिलों से होम क्वारंटीन किए लोगों को अब घरों के नजदीकी स्कूलों, पंचायत घरों, सामुदायिक भवनों में बनाए गए संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में रखा जा रहा है।
इस बारे सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में इनके लिए हर सुविधा की जाएगी। साथ ही इन लोगों की स्वास्थ्य जांच के लिए आशा वर्कर, हेल्थ वर्कर और आंगनबाड़ी वर्कर तैनात रहेंगे।