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Chamba News: दो घंटे इंतजार के बाद आता है जांच के लिए नंबर

Tue, 30 Jan 2024 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा के तीसा अस्पताल में चेकअपकरवाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करते लोग।संवाद
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तीसा (चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा में मरीजों को जांच करवाना आसान नहीं है। अस्पताल में पर्ची बनाकर ओपीडी में चिकित्सक से चेकअप करवाने को लेकर मरीजों को एक से दो घंटे तक कतार में लगना पड़ता है।
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कतार में खड़े-खड़े थकने पर मरीज बेंच पर बैठकर थकान मिटाते देखे जा सकते हैं। अस्पताल में स्वीकृत 17 चिकित्सकों के पदों में से महज तीन पद ही भरे गए हैँ। एक चिकित्सक रात की उ्यूटी करता है तो दूसरा आपातकालीन कक्ष में मरीजों का चेकअप और उपचाराधीन मरीजों को देखता है।
कार्यवाहक बीएमओ को कार्यालय कार्य समेत बैठकों को संभालना पड़ रहा है। मंगलवार को मरीजों की बढ़ती तादाद को देखकर कार्यवाहक बीएमओ को भी ओपीडी में बैठकर मरीजों का चेकअप करना पड़ा। सोमवार को करीब 217 और मंगलवार को 210 मरीज उपचार करवाने के लिए सिविल अस्पताल तीसा पहुंचे। सुबह 10:00 बजे से चिकित्सीय जांच के बाद दवाइयां लेने पहुंचे मरीजों का नंबर दोपहर बाद ही आया। शुष्क ठंड और बारिश न होने से सीजनल बीमारियों का प्रकोप काफी बढ़ गया है। ऐसे में सिरदर्द, गले में दर्द, सूखी खांसी, पेटदर्द और उलटी-दस्त से पीड़ित मरीज उपचार के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं।
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चुराह उपमंडल के सिविल अस्पताल तीसा पर चुराह विधानसभा की 55 पंचायतों भंजराडू, देवीकोठी, खुशनगरी, बैरागढ़, नकरोड़, चांजू, चरड़ा, देहरोग, सनवाल इत्यादि पंचायतों की पौने दो लाख की आबादी स्वास्थ्य लाभ के लिए सिविल अस्पताल पर निर्भर है। वर्तमान में चिकित्सकों के पदों का रिक्त होना मरीजों समेत तैनात चिकित्सकों की परेशानियों को बढ़ा रहा है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो वे कई बार आलाधिकारियों और सरकार को अस्पताल में रिक्त पद भरने को लेकर पत्राचार कर चुके हैं। सरकार के आदेशानुसार ही पदों के भरने पर अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती होगी। दूसरी ओर, सिविल अस्पताल तीसा में उपचार करवाने के लिए पहुंचे मरीजों में 75 वर्षीय बुजुर्ग नारायण सिंह, 62 वर्षीय नारो देवी, अमित कुमार, योगराज, संदीप कुमार, किरपा राम, राकेश कुमार, रजना देवी, आशा देवी, रेखा देवी ने बताया कि वे सुबह से कतारों में लगे हैं। अब तक उनकी बारी नहीं नहीं आई है। सुबह चिकित्सक की सीट खाली रही। इसके बाद कार्यवाहक बीएमओ ने ओपीडी में पहुंच कर मरीजों का चेकअप करने के बाद जरूरी परामर्श दिया। बताया कि सरकार बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात करती है, लेकिन धरातल पर इसका उलट ही देखने को मिल रहा है।

कार्यवाहक बीएमओ डॉ. ऋषि पुरी ने बताया कि अस्पताल में 17 चिकित्सकों के पदों में से महज तीन चिकित्सक की ड्यूटी पर तैनात हैं। इसके अलावा डेपुटेशन के सहारे ही काम चलाया जा रहा है। रिक्त पदों बारे आलाधिकारियों और सरकार के साथ पत्राचार किया गया है।
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