जिले के ऊपरी क्षेत्रों के बागवान परेशान, विभाग से दौरा करने की मांग
बागवान बोले- पत्तियों से रस चूसकर पौधों को कमजोर कर रहा रेड माइट
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। जिले के ऊपरी क्षेत्रों के सेब बागानों में कीटों का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। बोरर के हमले से अभी बागवान पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब लाल मकड़ी (रेड माइट) का प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है।
साहो, कीड़ी और आसपास के क्षेत्रों के बागानों में यह कीट पत्तियों से रस चूसकर पौधों को कमजोर कर रहा है। इससे पत्तियां पीली पड़कर समय से पहले सूखने लगी हैं। लगातार दोहरी मार ने सेब उत्पादन पर गंभीर खतरे के संकेत दे दिए हैं। बागवानों में चिंता बढ़ गई है और वे समय रहते कीट नियंत्रण के उपायों की मांग कर रहे हैं।
जिले के साहो और कीड़ी सहित ऊपरी इलाकों के कई बगीचों में सेब के पत्ताें पर लाल मकड़ी का प्रकोप देखा जा रहा है। बागवानों का कहना है कि यह कीट पौधों की पत्तियों से रस चूसकर उन्हें कमजोर कर रहा है। पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं। कई जगह समय से पहले पौधे सूखने की स्थिति में हैं।
बागवानों में संजीव कुमार, नेक राम, धारो राम, भगत सिंह, जसवीर कुमार, अशोक कुमार और योग राज ने कहा कि पहले बोरर की समस्या के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। कई पौधे प्रभावित हुए। अब लाल मकड़ी के हमले ने परेशानियां बढ़ा दी हैं। बागवानों ने बागवानी विभाग से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सलाह और दवाइयां उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि उद्यान विभाग जल्द प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन करे और लाल मकड़ी के नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय दे।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने बागवानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग का कहना है कि जिन बगीचों में लाल मकड़ी का प्रकोप दिखाई दे रहा है, वहां तुरंत माइटसाइड दवा का छिड़काव करें। इससे कीट के फैलाव को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और पौधों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा।