शाम पांच की बस सात बजे चली, चामुंडा मंदिर के पास थमी तो अंधेरे में पैदल हुए करीब 30 यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। घर पहुंचने की उम्मीद में दो घंटे इंतजार किया, बस चली तो बीच रास्ते में ही साथ छोड़ गई। चंबा-घरमाणी रूट पर बुधवार शाम को एचआरटीसी की अव्यवस्था ने करीब 30 यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
निर्धारित समय शाम पांच बजे के बजाय बस करीब सात बजे चंबा से रवाना हुई। यात्रियों ने देरी के बावजूद राहत की सांस ली, लेकिन चामुंडा माता मंदिर के पास पहुंचते ही बस में तकनीकी खराबी आ गई और वह सड़क किनारे खड़ी हो गई। अंधेरा होने के बीच यात्रियों को बस से उतरकर आगे का सफर पैदल तय करना पड़ा।
चंबा से घरमाणी के लिए शाम पांच बजे बस का निर्धारित समय है। बुधवार को करीब दो घंटे देर से बस चलने के कारण यात्रियों का सफर पहले ही पिछड़ गया था। उन्हें उम्मीद थी कि अब बस सीधे गंतव्य तक पहुंचाएगी, लेकिन चामुंडा माता मंदिर के पास खराबी आने से यह उम्मीद भी टूट गई। यात्रियों के अनुसार, बस खराब होने के बाद मौके पर दूसरी बस भेजने की व्यवस्था नहीं की गई।
यात्रियों ने बताया कि शाम ढलने के बाद बीच रास्ते में बस खराब होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हुई। अंधेरे में सामान लेकर पैदल आगे बढ़ना उनके लिए मुश्किल रहा।
यात्रियों में शीशु कुमारी, सपना देवी, सरोज कुमारी, दीक्षा कुमारी, धारो राज, केहर सिंह और प्रीतम कुमार ने कहा कि शाम की बस दो घंटे देर से चली और कुछ दूर जाकर खराब हो गई। उन्होंने निगम प्रबंधन से चंबा-घरमाणी रूट पर समयसारिणी का पालन सुनिश्चित करने तथा बस खराब होने की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक बस उपलब्ध करवाने की मांग की।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि बस में तकनीकी खराबी आई थी, जिसे दुरुस्त कर दिया गया है। जिस समय बस खराब हुई, उस समय बस स्टैंड में दूसरी बस उपलब्ध नहीं थी, इसलिए मौके पर वैकल्पिक बस नहीं भेजी जा सकी।
चंबा में सुंड़ला के पास खराब खड़ी परिवहन निगम की बस।संवाद