उत्तराखंड से स्रोत व्यक्ति के रूप कार्यशाला में मौजूद हुईं अनुपमा
जागोरी संस्था चंबा की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। किशोरियों को जाति भेदभाव के इतिहास, इसके प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर मैहला, तीसा और सलूणी की 25 किशोरियों को जागरूक किया। जागोरी संस्था चंबा की ओर से आयोजित किशोरियों की तीन दिवसीय कार्यशाला शनिवार को संपन्न हुई। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की जागोरी संस्था की जिला समन्वयक उमा कुमारी ने अध्यक्षता की।
कार्यशाला में उत्तराखंड से अनुपमा ने स्रोत व्यक्ति के रूप में भाग लिया। कार्यशाला में किशोरियों को जाति भेदभाव के इतिहास, इसके प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाई गई। साथ ही एक दूसरे की भावनाओं और अनुभवों को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा प्रभावी संचार और सुनने के कौशल भी सिखाए गए। जिससे किशोरियां खुलकर बात कर सकें। समूह चर्चा, गीत, गेम, फुले मूवी के जरिये कार्यशाला के दौरान किशोरियों को ये जानकारी दी गई। इस मौके जागोरी टीम से रजनी, मखनी, इंदु बाला, अंजली उपस्थित रहे।